इटावा के जसवंतनगर के बहादुरपुर गांव में दो मासूम बहनों की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दोनों को बड़ी बहन ने ही मारा था। सख्ती से पूछताछ की तो बड़ी बहन ने अपना जुर्म कबूल कर सच्चाई उजागर कर दी। आरोपी युवती को जेल भेज दिया गया है।
इटावा के जसवंतनगर के बहादुरपुर गांव में प्रेम संबंधों में रोड़ा बनने पर बड़ी बहन ने ही अपनी दो मासूम बहनों की हत्या की थी। बड़ी बहन को प्रेमी से मिलते हुए दोनों बच्चियों ने देख लिया था, जिसकी उन्होंने माता-पिता से शिकायत कर दी थी। इसी खुन्नस में उसने फावड़े से गला काट कर दोनों को मार डाला।
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पुलिस ने 18 घंटे की जांच-पड़ताल में मिले सुरागों के बाद सख्ती से पूछताछ की तो बड़ी बहन ने अपना जुर्म कबूल कर सच्चाई उजागर कर दी। आरोपी युवती को जेल भेज दिया गया है। एसपी देहात सत्यपाल सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि बलरई थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के जयवीर सिंह की दो बेटियों शिल्पी (7) और रोशनी (5) की रविवार शाम गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
इस पर पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। मामले की गहनता से जांच की गई तो घर में बड़ी बहन अंजली (19) के कपड़े सूखते हुए मिले। शाम को कपड़े धोने की जानकारी करने पर कोई सही जवाब नहीं दे सका। इसके बाद फोरेंसिक टीम को घर के आंगन में पड़े टिनशेड में रखा फावड़ा मिला। इसे भी पूरी तरह साफ किया गया था।
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कुछ खून के हल्के छींटे दिखने पर फोरेंसिक टीम ने उसकी जांच की। सूख रहे कपड़ों की जांच करने में खून लगे होने की बात पता चली। इस पर अंजली से सख्ती से पूछताछ की तो उसने वारदात को अंजाम देने का सच बताया।
कहा कि छोटी बहनों द्वारा प्रेम प्रसंग की माता-पिता से शिकायत करने से उसने आपा खो दिया और उनकी फावड़ा मारकर हत्या कर दी। आरोपी अंजली को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया। मृत बच्चियों का सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार करा दिया गया।
शिल्पी पर था गुस्सा, रोशनी बीच में आई तो उसे भी मार दिया
एक सप्ताह पहले घर आए प्रेमी के साथ दोनों बहनों ने अंजली को देख लिया था। शिल्पी ने इसकी शिकायत माता-पिता से की थी। तबसे अंजली शिल्पी से गुस्सा चल रही थी। वह इतनी आक्रोशित थी कि रविवार शाम उसे अकेला पाकर कमरे में फावड़ा लेकर मार डाला। इस बीच ही चीख सुनकर सबसे छोटी बहन रोशनी आ गई तो अंजली ने दूसरे कमरे में ले जाकर उसे भी मार डाला।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अंजली ने बयान दर्ज कराया कि शाम करीब पांच बजे माता-पिता खेत पर गए थे। दो भाई बकरियां चराने गए थे। सभी के आने में लगभग एक घंटे का समय था। ऐसे में घर के एक कमरे में शिल्पी के साथ खेलते-खेलते अंजली ने उस पर फावड़े से हमला कर दिया। रोशनी की चीख सुनकर आंगन में खेल रही रोशनी दौड़कर आ गई।
उसने खून से लथपथ शिल्पी को देखा तो वह चिल्लाकर रोने लगी। इस पर उसका मुंह बंद करके दूसरे कमरे में ले गई। खुद को बचाने के लिए उसे भी फावड़े से हमला कर मार डाला। बताया कि वह रोशनी को नहीं मारना चाहती थी, लेकिन सिर पर भूत सवार था। जो बीच में आ रहा था उसे मार डालने की इच्छा कर रही थी।
बताया कि दोनों बहनों के मरने के बाद बाथरूम में जाकर फावड़ा धोया और उसे आंगन में पड़े टिनशेड के नीचे यथास्थान पर रख दिया। इसके बाद खून से लथपथ कपड़े धोकर नहा ली। कपड़े सूखने के लिए डालकर बाहर से कुंडी लगाकर खेत पर चारा लेने चली गई। वहां से सबके साथ ही आई थी, लेकिन कमरे में जाकर उसने सबसे पहले चिल्लाना शुरू कर दिया ताकि उस पर किसी को शक न हो।
दो घंटे में पुलिस के सामने हो चुकी थी तस्वीर साफ
सूचना पर पहुंचे एसपी देहात सत्यपाल सिंह, एसपी सिटी कपिल देव सिंह, सीओ अतुल प्रधान और फोरेंसिक टीम की पड़ताल में लगभग पूरा मामला स्पष्ट हो चुका था। आंगन में सूख रहे कपड़ों को देखकर ही अधिकारियों को घर के व्यक्ति की शामिल होने की संभावना हो गई थी। कपड़ों के बारे में अंजली की मां सुशीला देवी से पूछा तो उन्होंने कपड़े धोने की बात से इन्कार कर दिया।
इस पर पुलिस ने अंजली से पूछा तो वह सकपका गई। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो पहले हां और फिर न करने लगी। रातभर पुलिस को बयान पलटकर परेशान करने के बाद सुबह करीब पांच बजे पुलिस की सख्ती देखकर अंजली ने घटना कबूली। इस पर पुलिस ने कपड़ों के साथ ही फावड़ा, कपड़े धोने वाला ब्रश सभी कब्जे में ले लिए।
पूछताछ के दौरान माता-पिता एक ही बात कर रहे थे। बच्चियों की मां सुशीला ने बताया कि शाम को चार बजे वह खेत पर गई थी। पांच बजे उसके पति भी खेत पर आ गए। बड़ी बेटी भी करीब दो घंटे के बाद उनके पीछे खेत पर गई थी।
लेकिन अंजली पूछताछ में बार-बार अपने बयानों से पलट रही थी। कड़ाई से पूछताछ के बाद हत्यारोपी बहन ने घटना कबूल की। यह सुनते ही उसके माता-पिता के होश उड़ गए और उन्होंने अपनी बेटी से कोई बात नहीं की।
फोरेंसिक जांच में ऐसे खुलीं मामले की परतें
1. शाम को कपड़े सूखते मिलने पर किसी नजदीकी पर हुआ शक
2. शवों पर मोटे धारदार हथियार से हमला किया गया था।
3. सूखते कपड़ों के बारे में आरोपी युवती स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई।
4. आंगन में मिले फावड़े को धोकर साफ किया गया था, उस पर खून के निशान थे
5. पूछताछ में बच्चियों के माता-पिता से अंजली की शिकायत करने से शक गहराया