महेवा। बिहार और हरियाणा की तरह प्रदेश में भी स्कूलों को पढ़ाई के लिए खोलने की मांग उठ रही है। अभिभावकों का मानना है कि कोरोना नियमों का पालन कराते हुए शिक्षण कार्य शुरू किया जाए।
कोरोना के चलते पिछले दो साल से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखों पर विपरीत असर पड़ रहा है। 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को औसत अंक देकर प्रमोट किया जा रहा है। पढ़ाई प्रभावित होने से बच्चे अवसाद का शिकार हो रहे हैं।
अभिभावक संतोष शर्मा का कहना है कि हरियाणा की भांति कक्षा 6 से ऊपर के छात्रों को 50 प्रतिशत संख्या में स्कूल बुलाया जाए। अभिभावक हरी चौबे का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन पढ़ाई हर छात्र के लिए संभव नहीं है।
ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प सरकार को शीघ्र ही लागू करना चाहिए। छात्रा सुहानी का कहना है कि स्कूलों को पूर्ण सुरक्षा मानकों के तहत चालू करना चाहिए। तीन - तीन दिन करके बच्चों को बुलाना चाहिए। स्नातक की छात्रा मनु ने कहा कि जुलाई के अंत तक हरहाल में स्कूल शुरू किए जाएं।