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Etawah News: बाजार के बजाय घर के बने पकवान का ही सेवन करें

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इटावा। होली पर फिजिशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि बाजार की खाने की वस्तुओं से परहेज करें। मिलावटी खाद्य पदार्थों से म्यूकस मेम्ब्रेन (मुंह, पेट, आंत आदि) पर असर पड़ता है। छाले पड़ने के साथ ही घाव का रूप ले सकते हैं। बच्चों को हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारी मिलावटी खाने से हो सकती है। ऐसे में घर के बने पकवान ही खाएं।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शशांक सिंह ने बताया कि लाल रंग में मरकरी सल्फेट, बैंगनी में क्रोमियम, हरे में ब्रोमाइड व कॉपर सल्फेट और काले रंग में लेड ऑक्साइड होता है। इन केमिकल से एलर्जी हो सकती है। नेचुरल और ऑर्गेनिक रंगों से खेलें। आंख, कान और नाक में रंगों को जाने से बचाएं। रंगों में मिले भारी तत्व त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
रंगों से बचाने के लिए होली खेलने से पहले त्वचा पर तेल या पेट्रोलियम जेली का प्रयोग करें। परेशानी होने पर फौरन डॉक्टर को दिखाएं, जिससे समय रहते इलाज मिल सके।ध्यान रखें कि रंग आपकी आंखों या मुंह के अंदर न जाए। इसके लिए रंग खेलते समय चश्मा लगा सकते हैं। अगर रंग चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं और डॉक्टर से सलाह लें।
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- कुछ इस तरह आसानी से छुड़ाएं रंग

-कच्चे दूध और ब्रेड को भिगोकर रंग साफ करें।

-रंग लगते ही फौरन पानी से धोएं।

-सॉफ्ट साबुन का ही इस्तेमाल करें।

-त्वचा को रगड़े नहीं।
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