इटावा। रविवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे से हुई। दोपहर तक कोहरे का असर होने की वजह से जन जीवन में असर पड़ा। इस दौरान हल्की सर्द भरी हवाएं चलने से पूरे दिन कड़ाके की ठंड रही। सर्दी से बचने के लिए लोग दोपहर तक आग जलाकर बैठे रहे। घना कोहरा की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। फरक्का एक्सप्रेस नौ घंटे और शताब्दी तीन घंटे देरी से आई। कई और भी ट्रेनें लेट रहीं।
पिछले कई दिन से लगभग समय से चलने वाली नई दिल्ली- लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस की रफ्तार पर घना कोहरा की वजह से ब्रेक लगने से ट्रेन धीमी गति से चली। शताब्दी तीन घंटा देरी से आई। जबकि अन्य ट्रेनों में नई दिल्ली से रात में आने वाली फरक्का एक्सप्रेस निर्धारित समय से नौ घंटे की देरी से सुबह आई। आगरा- लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे की देरी से आई। टूंडला- कानपुर मेमू तीन घंटा देर से आई। जबकि लखनऊ-नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, अवध एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से आई।
दूसरी ओर रोडवेज बस स्टैंड परिसर में दोपहर 12 बजे तक बसें तो करीब 20 खड़ीं थीं, लेकिन यात्रियों की संख्या कम रही। आरएम पीआर पांडे, एआरएम वित्त एमसी शर्मा व एआरएम डीएम सक्सेना परिसर में घूमते रहे। लेकिन खराब मौसम की वजह से यात्री कम आने से चिंतित दिखाई दिए। गेट से लेकर तिराहा तक बसें स्टार्ट खड़ी रहीं। कानपुर बस लेकर जा रहे एक परिचालक ने बताया कि यात्री आज कम मिल रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन क्या होगा कितने यात्री मिलेंगे।
एआरएम डीएम सक्सेना ने बताया कि यात्रियों के कम संख्या में आने की वजह इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी ही है। सहालग का दौर शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं उम्मीद के मुताबिक रोडवेज को यात्री कम ही मिल रहे हैं।