इटावा। प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों को अनुदान पर मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल देने की योजना में पिछले सवा साल से किसी को लाभ नहीं मिला है। प्रशासन द्वारा जोर-शोर से आवेदन मांगकर प्रचार-प्रसार किया गया लेकिन आवेदन करने वाले दिव्यांग अभी भी ट्राईसाइकिल के इतंजार में बैठे हैं।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने अगस्त 2020 में दिव्यांगों के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की योजना संचालित की थी। योजना के अनुसार ऐसे दिव्यांग जो मस्कुलर डाइस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रलपाल्सी, हैमिपेलिजिया से ग्रसित हों, उनकी दृष्टि और मानसिक स्थिति अच्छी हो। उनके पास सीएमओ का 80 प्रतिशत या उससे अधिक की विकलांगता का प्रमाण पत्र हो, वे आवेदन कर सकते हैं।
इटावा। वैसे तो इस योजना का नाम निशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना रखा गया था लेकिन इसमें निशुल्क जैसा कुछ नहीं है। ट्राईसाइकिल का वास्तविक मूल्य लगभग 42 हजार रुपये होता है। इसमें 25 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान है। बाकी का व्यय दिव्यांग को स्वयं वहन करना पड़ेगा। इसमें किसी समाजसेवी संस्था या सांसद, विधायक निधि से भी सहयोग का विकल्प है, लेकिन इसमें किसी ने सहयोग राशि नहीं दी।
इटावा। अगस्त 2020 में इस योजना में ऑनलाइन आवेदन किए गए थे। जिसमें करीब 60 दिव्यांगों ने आवेदन किया था। इन्हें आवेदन किए सवा साल बीत गए लेकिन अभी तक ट्राईसाइकिल का पता नहीं चला।
इटावा। जिला विकलांग एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार जाटव ने कहा कि सरकार योजना की घोषणा तो कर देती है परंतु उस पर काम नहीं होता। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ छात्र-छात्राओं को मिलना था। लिहाजा हाईस्कूल, इंटर और उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए एक तिहाई हिस्सा आरक्षित किया गया था।
इटावा। विकलांग एसोसिएशन के महामंत्री संतोष कुमार त्रिवेदी ने कहा कि इस योजना के लिए दिव्यांगों द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च के लिए सांसद, विधायकों को ज्ञापन देकर विकास निधि से सहयोग मांगेंगे।
इटावा। जिला दिव्यांग जन सशक्तीकरण अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि योजना में आवेदन करने वालों का परीक्षण एआरटीओ और सीएमओ से कराने के बाद 49 पात्रों की सूची तैयार कर ली गई है। अब सिर्फ बजट का इंताज है। बजट आते ही चयनित पात्रों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया जाएगा।