इटावा। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी में डॉक्टर का शव घर के स्टोर रूम में संदिग्ध हालात में लटका मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
मूलरूप से औरैया जिले के अजीतमल ब्लॉक के जगदीशपुर गांव निवासी 37 वर्षीय डॉ. सिद्धार्थ राहुल दांतों के डाक्टर थे। वह पंजाबी कॉलोनी में मकान बनाकर करीब 12 साल से रह रहे थे। घर के नीचे ही उनका क्लीनिक है।
क्लीनिक से लगे कमरे में किराएदार मुस्तकीम रहते हैं। किरायेदार के अनुसार, गुरुवार की रात वह नौ से 10 बजे के बीच घर पहुंचे और कमरे में चले गए। डॉक्टर सिद्धार्थ ने अपने कर्मचारी दीपक को फोन कर कहा कि वह जा रहे हैं और फोन काट दिया। इस पर दीपक ने किराएदार मुस्तकीम को फोन करके डॉक्टर साहब को देखने के लिए कहा। किराएदार ने ऊपर जाकर दरवाजा खटखटाया और आवाज भी लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
मुस्तकीम ने डॉक्टर के स्टॉफ और दोस्तों को सूचना दी। घर पहुंचे स्टॉफ और दोस्तों ने काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर गए तो देखा कि कमरे के अंदर बने स्टोर रूम के पंखे के कुंडे से डॉक्टर का शव दुपट्टे से लटका हुआ था।
शरीर में कुछ हलचल दिखने पर फंदे से उतारकर जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को बरेली से पिता श्रीराम शंकर और भाई संघप्रिय राहुल पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव पैतृक गांव औरैया ले गए हैं।
डॉ. सिद्धार्थ राहुल की शादी लगभग दस साल पहले बरेली की युवती आशी से हुई थी। शादी के कुछ साल तक तो सब कुछ ठीक चला, लेकिन कुछ समय बाद दोनों में छोटी-छोटी बातों करे लेकर लड़ाई होने लगी। जब बेटा पैदा हुआ तो पत्नी उसको लेकर मायके चली गई।
इसके बाद से वह लौट कर नहीं आई और बरेली कोर्ट में तलाक का मुकदमा दर्ज करा दिया। दोस्तों के अनुसार, पत्नी के जाने के बाद से डाक्टर सिद्धार्थ तनाव में रहते थे। जानकारी के मुताबिक तानव के कारण दो-तीन बार पहले भी नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की थी।
फ्रेंड्स कालोनी थाना प्रभारी प्रभात सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से फिलहाल तहरीर नहीं मिली है। जिस कमरे में शव मिला था, उसे सील कर दिया गया है। फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल की जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण पता चल सकेगा।