इटावा/सैफई। शहर से लेकर गांवों तक डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप थमा नहीं है। सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। हालात यह है कि शुक्रवार को जिला अस्पताल व सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में तो पर्चा बनवाने के लिए मरीजों और तीमारदारों को जद्दोजहद करनी पड़ी।
ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज खुद घंटों लाइन में लगे रहे। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी का मेडिसिन वार्ड फुल हो गया। मेडिसिन वार्ड भरने से अब मरीजों को वार्ड को जाने वाले रास्ते में बेड बिछाए गए हैं। एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करके उपचार किया जा रहा है।
सैफई के मेडिकल यूनिवर्सिटी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या वायरल बुखार के मरीजों की है। मौसमी बीमारियों के साथ इटावा ही नहीं आसपास के जिलों से भी यूनिवर्सिटी में मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं।
स्थिति यह है कि शुक्रवार को ओपीडी में पर्चा का काउंटर खुलने से पहले ही मरीजों की लाइन लग गई। फिर पहले पर्चा बनवाने के चक्कर में मरीजों और तीमारदारों में आपस में जमकर जद्दोजहद दिखी। कई बार को मामला धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत पहुंच गया। अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
यहां ओपीडी में 784 मरीज आए। इनमें 197 मरीज वायरल बुखार के रहे। इन मरीजों का ब्लड सैंपल यूनिवर्सिटी प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर साफ हो सकेगा कि इनमें कितने मरीजों को डेंगू है। सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में डेंगू के साथ ही वायरल बुखार के भी मरीज तेजी से आ रहे हैं।
अस्पताल में बनाया गया 100 बेड के डेंगू वार्ड के बेड मरीजों से फुल हो चुका हैं। हालांकि, इस वार्ड में वायरल बुखार के कुछ मरीजों भी भर्ती है। हालात यह है कि वार्ड फुल होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ओपीडी की चौथी मंजिल पर वार्ड को जाने वाले रास्तों के गलियारों में भी करीब बेड डाले हैं।
यह बेड भी फुल हो गए हैं, इसलिए एक बेड पर दो-दो मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के परिसर में चारों तरफ तीमारदारों की जगह-जगह भीड़ लगी है।
उधर, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल विवि में स्टाफ भी बढ़ाया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दूसरे वार्डों व फैकेल्टी से पैरा मेडिकल स्टाफ और दूसरे कर्मचारियों को वायरल बुखार व डेंगू के मरीजों की देखभाल में लगाया है।
वहीं यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को डेंगू के नए छह मरीज भर्ती किए गए। यहां अब तक डेंगू के 197 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें 37 मरीज भर्ती है। बाकी डिस्चार्ज हो चुके हैं।
यूनिवर्सिटी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डेंगू वार्ड फुल हो चुका है। वायरल बुखार व अन्य रोगों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इसलिए वार्डों को जाने वाले गलियारों में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। यहां इटावा के अलावा औरैया, कानपुर देहात, फिरोजाबाद, उरई समेत कई अन्य जिलों से डेंगू और वायरल बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं।
-डॉ. आदेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल यूनिवर्सिटी सैफई
मरीजों में प्लेटलेट्स घटने की शिकायतें बढ़ीं
इटावा। जिला अस्पताल में लगातार पांचवें दिन भी एक हजार से अधिक मरीजों ने पर्चे बनवाए। रजिस्ट्रेशन काउंटर प्रभारी मीना चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार को 1219 मरीजों ने पर्चे बनवाए। पांच दिनों में 6019 मरीज आ चुके हैं। सबसे ज्यादा बुखार के मरीज ही रहे।
पैथोलॉजी के वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन एके दुबे ने बताया कि ढाई सौ से अधिक मरीजों ने पैथोलॉजी में जांच कराई। इनमें से 54 डेंगू की जांच हुई, जबकि 20 सैंपल जांच एलाइजा जांच के लिए सैफई भेजा गया है।
फिजीशियन डा. शांतनु निगम ने बताया कि दिन में साढ़े ग्यारह बजे तक दो डाक्टरों ने करीब डेढ़ सौ मरीज देख चुके थे। ज्यादातर मरीज बुखार के हैं, इस समय ज्यादातर मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही है। ज्यादा घटने या 30 हजार रहने की स्थिति में सैफई चिकित्सा विवि रेफर करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ बाल रोग चिकित्सक डा. पीके गुप्ता ने बताया 12 बजे तक 61 बच्चों को देख चुके थे। ज्यादातर बच्चे बुखार से ग्रसित रहे। नाक, कान व गला चिकित्सक के कक्ष के अंदर से लेकर बाहर तक रोजाना काफी भीड़ लग रही है।
डा. जेपी चौधरी ने बताया कि मौसम की वजह से नाक, कान और गला के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। रोजाना करीब सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। कभी-कभी संख्या दो सौ के करीब पहुंच जाती है।