इटावा। शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री के आगमन के समय आशा कार्यकर्ताओं संग पुलिस द्वारा की गई मारपीट के विरोध में शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
आशा कर्मचारी यूनियन के प्रदेशीय नेता अमर सिंह ने कहा कि आशाएं संगनियां अपनी जान की परवाह किए बिना कोविड काल में भी अपनी सेवाएं मजबूती के साथ देती रही हैं। उन्हें जीने लायक भी मानदेय नहीं दिया जाता है।
सीएम के आगमन पर आशाओं को बुलाकर पुलिस लाठीचार्ज करती है। शाहजहांपुर में जिस तरीके से पुलिस ने आशाओं संग मारपीट की, उसकी निंदा करते हुए दोषी पुलिस कर्मचारियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।
जिला मंत्री संगीता ने कहा कि आशा, संगनियां समस्याओं के लिए लगातार लड़ेंगी। आरोप लगाया कि न ही उचित मानदेय मिलता है न छुट्टियां मिलती हैं। ऊपर से सम्मान भी नहीं मिलता है, ऐसे में हमारी लड़ाई और तेज होगी।
22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली रैली में सभी आशाओं से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। धरना प्रदर्शन के माध्यम से सीएम को संबोधित ज्ञापन सीएमओ को सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में यूनियन की अध्यक्ष शकुंतला देवी, सुषमा देवी, शशि देवी, रेखा, मीरा मिश्रा, नीलम, ओम कांती, सीमा, मीरा देवी यादव आदि थीं।