उदी। थाना बढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम सुनवारा के समीप मानिकपुर-ग्वालियर बाईपास पर मंगलवार को तेज रफ्तार डंपर ने पैदल जा रहे तीन किशोरों को कुचल दिया, फिर बाइक सवार को पीछे से टक्कर मार दी। दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे किशोर और बाइक सवार को जिला अस्पताल भेजा गया है। मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने बाईपास पर जाम लगा दिया। विधायक और आला अधिकारियों के समझाने पर करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका।
बढ़पुरा के ग्राम सुनवारा निवासी शैलेंद्र (17) पुत्र लोटन सिंह, विजय (12) पुत्र भारत सिंह व करन (13) पुत्र महावीर तीनों शादी समारोह में लाइट उठाने का काम करते हैं। सोमवार रात को काम करने के बाद मंगलवार सुबह तीनों इटावा से घर लौट रहे थे। सुनवारा के समीप मानिकपुर-ग्वालियर बाईपास पर सुबह करीब सात बजे इकदिल-मानिकपुर की तरफ से आ रहे डंपर ने उन्हें टक्कर मारकर दी। इसके बाद डंपर ने एक बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में में शैलेंद्र सिंह और विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करन व बाइक सवार इकदिल के मानिकपुर निवासी रॉकी पुत्र सुरेंद्र रॉकी (24) घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर यूपी 112 व थाना पुलिस मौके पर पहुंची अैर घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इधर, हादसे के बाद चालक डंपर छोड़कर गया हो गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर बाईपास पर जाम लगा दिया। विधायक सरिता भदौरिया और अन्य प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में जल्द मुआवजा देने की मांग पर लोग माने और करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका।
दुर्घटना से गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
उदी। दो किशोरों की डंपर की मौत से नाराज ग्रामीणों ने जाम लगा दिया गया। पुलिस को शव को उठाने से मना करने के साथ वारिष्ठ अधिकारियों को बुलाने एवं मौके पर आर्थिक सहायता की मांग की गई।
जाम की स्थिति को देख बढ़पुरा पुलिस द्वारा मुख्यालय सूचना दी गई तो कुछ ही समय में सदर उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, सदर तहसीलदार एन राम, पुलिस क्षेत्राधिकारी शहर राजीव प्रताप, क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर रमेश चंद्र और थाना सिविल लाइन, पछायगांव व सदर कोतवाली आदि कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। इसी के साथ सदर विधायक सरिता भदौरिया भी पहुंच गईं। विधायक व अधिकारियों ने जाम लगाए लोगों से बातचीत करने के साथ ही मृतक बच्चों के परिजनों को सांत्वना दी। काफी समय तक चली बातचीत के बाद शासन द्वारा मिलने वाली आर्थिक सहायता अतिशीघ्र दिलाए जाने के आश्वासन के दो घंटे से लगा जाम खोला जा सका। डंपर छोड़कर चालक भाग जाने में सफल रहा। डंपर को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
दो गरीब परिवारों से छिना सहारा
उदी। 12 से 17 वर्ष की उम्र तक के तीनों बच्चे शादियों में बरात के दौरान बैंड के साथ चलने वाली सजावटी लाइटों को लेकर चलने का काम करते थे। सोमवार रात भी इटावा में आयोजित एक शादी की बरात में उन्होंने यही काम किया था। काम समाप्त हो जाने पर मंगलवार सुबह तीनों बच्चे सुनवारा जा रहे थे कि यह हादसा हो गया। वहीं बाइक सवार मानिकपुर से उदी मोड़ जा रहा था। दोनों ही बालकों के पिता गरीब हैं। मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। शैलेंद्र के दो छोटे भाई और दो बहनें हैं। परिवार में यही सबसे बड़ा था। इस नाते पूरे परिवार का यही सहारा था। दूसरा विजय अपने मां बाप की इकलौती संतान था। मां बाप से उनका बुढ़ापे का सहारा छिन गया। पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है।
फोटो संख्या 40 मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंची- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 41 घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम व सीओ सदर- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 42 मौके पर पहुंची सदर विधायक सरिता भदौरिया- फोटो : ETAWHA
फोटो संख्या 43 घटनास्थल पर मृतक किशोर के गांव के लोग- फोटो : ETAWHA