अपहरण के बाद गैंगरेप का मामला झूठा पाने के बाद युवती समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, षड्यंत्र के तहत कुछ लोगों को फंसाने की नीयत से ऐसा किया गया था।
युवती के दो अन्य साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि सही विवेचना होने से निर्दोष जेल जाने से बच गए। पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी डा. राकेश सिंह ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को एक युवती ने अपहरण के बाद गैंगरेप का आरोप लगाते हुए तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जब मामले की विवेचना कोतवाल बलवीर सिंह ने की तो इस बात का पता चला कि शहर के कुछ युवकों ने युवती को मोहरा बनाकर आरोपियों को फंसाने की साजिश रची है। दरअसल एक युवक दूसरे की बहन को परेशान करता था। इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में मामला भी दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, युवती के माध्यम से पहले भी एक युवक को फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली थी। युवती के माध्यम से पुन: उस युवक को फंसाने की साजिश रची गई और 13 अप्रैल को युवती साथी युवक के साथ नौरंगाबाद क्षेत्र के एक मकान पर रुकी।
अगले दिन 14 अप्रैल को युवती ने आगरा कंट्रोल रूम को अपने अपहरण की सूचना देकर भ्रमित करने का प्रयास किया। 15 अप्रैल काी सुबह साथियों के साथ पक्का तालाब स्थित झाड़ियों में पहुंची और अपने साथ गैंगरेप की सूचना पुलिस को देकर रिपोर्ट दर्ज करा दी।
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि षड्यंत्र में युवती समेत पांच आरोपी शामिल थे। इनमें से युवती व दो युवकों को पुलिस ने दबोच लिया है। वहीं मुख्य षड्यंत्र कर्ता व एक अन्य अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने दावा किया कि सही विवेचना होने से निर्दोष जेल जाने से बच गए।