थाना क्षेत्र के दुमीला बार्डर से रविवार की रात पुलिस ने तीन तस्करों को 745 कछुओं के साथ पकड़ा है। जबकि, एक तस्कर भाग निकला। चंबल और यमुना नदी से पकड़े गए ये कछुए लोडर से कोलकाता और नेपाल भेजे जा रहे थे। इन कछुओं की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये बताई जा रही है।
सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया कि रविवार को सैफई पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान दुमीला बार्डर के पास से एक लोडर को पकड़ा, जिसमें 745 कछुए जिंदा बोरों में रखे हुए थे। मौके से तीन तस्करों को दबोचा, जबकि चौथा भागने में सफल रहा। तस्करों की पहचान मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के गिहार कालोनी निवासी अशोक कंजड़ पुत्र गयादीन, करहल के रती का नगला निवासी सतीश पुत्र साहब सिंह जाटव और करह के सिंहपुर निवासी संजू पुत्र जालिम सिंह के रूप में हुई है।
भाग निकले आरोपी की पहचान भरथना निवासी राजकपूर पुत्र मुन्नीलाल के रूप में हुई है। पूछताछ में इन तस्करों ने बताया कि कछुओं को उन्होंने यमुना और चंबल नदी से पकड़ा है। कछुओं को भरथना में राजकपूर के घर से लोडर में लादकर कोलकाता और नेपाल बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। तस्करों का कहना है कि कोलकाता और नेपाल में इन कछुओं की अच्छी कीमत मिल जाती है। पुलिस ने लोडर को सीज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं, कछुओं को वन्य जीव विभाग के हवाले कर दिया गया है।
बताया गया कि अशोक और संजू पर पहले से करहल थाने में तस्करी के दो मामले दर्ज हैं। कामयाबी पाने वाली पुलिस की टीम में प्रभारी निरीक्षक सैफई जीवाराम यादव, निरीक्षक क्राइम नेत्रपाल सिंह, उपनिरीक्षक वासुदेव सिंह, कांस्टेबल नीरज बाबू, मनोज कुमार, लव रावत, जितेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह शामिल हैं।