इटावा। दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी जगदीश चंद्र निवासी ग्राम जसवंतपुर थाना अयाना औरैया ने भरथना थाने में 30 मई 2014 को दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा था कि उसने अपनी पुत्री गीता की शादी भरथना के मोढ़ी गांव निवासी महेशचंद्र के पुत्र दिलीप चंद्र के साथ की थी।
शादी के बाद ससुरालीजन उसकी बेटी से 50 हजार रुपये मायके से लाने का दबाव बनाने लगे। उनकी मांग न पूरी करने पर ससुरालीजन गीता के साथ मारपीट करते थे, उसे प्रताड़ित करते थे।
ससुरालीजनों ने 29 मई 2014 को उसकी पुत्री गीता को मारपीट कर फांसी पर लटका दिया गया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
राज्य की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता रवींद्र सिंह यादव ने अपने तर्कों के जरिए वाद को सिद्ध क रने मे सफलता पाई। न्यायाधीश राजीव गोयल ने पति दिलीप चंद्र व ससुर महेशचंद्र को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।