जैन धर्म के 23वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव नशियां जी मंदिर सहित नगर के समस्त जिनालयों में धूमधाम से मनाया गया।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर नशियां जी पर प्रात: 7 बजे से श्रीजी का जलाभिषेक पुजारियों ने किया। तदोपरांत संगीतमय सामूहिक पूजन पुजारी सुबोध जैन, बउआ जैन, हीरालाल जैन, कैलाश जैन सहित सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने किया। सुबह 9 बजे 23वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ के समक्ष निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
नशियां जी समिति के महामंत्री आकाशदीप जैन ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ ने पौष पक्ष एकादशी को बनारस में दीक्षा प्राप्ति के बाद दो दिन बाद खीर से प्रथम पारण किया था।
30 वर्ष की अवस्था में सांसारिक मोहमाया और गृह त्याग कर सन्यासी हो गए थे। ज्ञान प्राप्ति के बाद 70 वर्ष तक धर्म का प्रचार प्रसार करने के बाद 33 साधुओं के साथ श्रावण शुक्ल पक्ष सप्तमी को सम्मेद शिखर से निर्वाण प्राप्त किया था। इसीलिए समस्त जैन धर्मावलंबी इस दिन को हर्ष के साथ मनाते है।
इस दौरान इंजीनियर अरविंद कुमार जैन, इजी सुभाष चंद्र जैन, डॉ. पीके जैन, आकाशदीप जैन, बोनू जैन, मनोज जैन, सतीश जैन, कमलेश जैन, राकेश कुमार जैन, महावीर जैन, पीडी जैन, मेजर सुभाष चंद्र जैन सहित पांच सैकड़ा साधर्मी उपस्थित रहे।
लालपुरा स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज के सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। यहां सैकड़ों साधर्मियों ने भगवान पार्श्वनाथ के समक्ष लाडू समर्पित किया। यहां अध्यक्ष संजू जैन, शैलेष जैन, महेश चंद्र रपरिया, ब्रजसेन जैन, विमलेश जैन, चक्रेश जैन, राकेश एलआईसी आदि उपस्थित रहे।
करनपुरा स्थित 1008 श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पं. मनीष जैन शास्त्री द्वारा भव्य सम्मेद शिखर पहाड़ की संरचना करायी गयी। जहां भगवान पार्श्वनाथ के समक्ष 23 किलो का निर्वाण लाडू श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया।
तत्पश्चात शास्त्री जी द्वारा 15 मिनट तक सम्मेद शिखर वंदना को ध्यान कराया। यहां अनिल जैन, रीतेश जैन, सुनील जैन, पीयूष जैन, महेश चंद्र जैन, जितेंद्र जैन सहित अन्य उपस्थित रहे।
छिपैटी स्थित जैन मदिर में समोद कुमार जैन, सुधीर कुमार जैन, अशोक कुमार जैन, राकेश कुमार जैन सहित महिला पुरूषों ने निर्वाण लाडू चढ़ाया।
कटरा जैन मंदिर में मुनि श्री 108 सुग्रंथ सागर जी महाराज के सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इसके अतिरिक्त नया शहर, सराय शेख, चौगुर्जी, पंसारी टोला, फूलन देवी डांडा स्थित जैन मदिरों में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।