बुधवार को ट्रेन से कूद कर भागे हत्यारोपी के मामले में जीआरपी ने चारों पुलिस कर्मियों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो सिपाहियों ने जो कु छ भी बताया वह गले नहीं उतर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब कैदी ट्रेन से कूद कर भागा तो सिपाहियों ने उसका पीछा क्यों नहीं किया। वहीं दूसरी ओर सिपाहियों ने घटना का समय सुबह साढ़े चार बजे बताया है जबकि साम्हों स्टेशन से ही मगध एक्सप्रेस सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर क्रास हुई।
सिपाहियों का बयान संदिग्ध लग रहा है।
हत्यारोपी बंदी नौशाद उर्फ डीम के ट्रेन से फरार होने के मामले में उसे लेकर जा रहे पुलिस क र्मी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस को हेड कांस्टेबल योगेश बाबू ने बताया कि सुबह साढे़ चार बजे नौशाद हथकड़ी से हाथ निकालकर भरथना और साम्हों स्टेशन के बीच कूदकर भाग गया।
जबकि बुधवार को अप मगध एक्सप्रेस इस समय तक साम्हाें स्टेशन भी नहीं पहुंची थी।
रेलवे से ली गई जानकारी के अनुसार बुधवार को अप मगध एक्सप्रेस सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर साम्हा स्टेशन से क्रास हुई और इसके 16
मिनट बाद सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर बिना रुके थ्रू भरथना स्टेशन को क्रास कर गई।
दूसरा बड़ा सवाल ये उठता है कि सिपाहियों के बताए अनुसार कैदी ट्रेन की गति धीमे होने पर ट्रेन से कूद कर भागा तो साथ मौजूद सभी चार सिपाहियों ने उसका पीछा करने का प्रयास क्याें नहीं किया।
एक और सवाल खड़ा होता है कि सर्दी के मौसम में भोर के समय कोच में तेज सर्द हवा आने से ज्यादातर बोगियों के गेट बंद रहते हैं तो साढ़े 4 बजे ट्रेन का गेट क्यों खुला था। घटना के बाद चारों सिपाही भरथना थाने भी पहुंचे थे।
ट्रेन भरथना स्टेशन से थ्रू पास हुई तो सिपाही फिर भरथना थाने कैसे पहुंचे। अगर वह इटावा स्टेशन पर आकर भरथना गए तो पहले इटावा थाना जीआरपी को इस मामले की पूरी जानकारी क्यों नहीं दी। फिलहाल जीआरपी उक्त सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की छानबीन कर रही है। देर शाम सीओ जीआरपी इटावा राजेंद्र सिंह ने भी पूछताछ की है।