शहर के मोहल्ला वाह अड्डा से मंगलवार की शाम को लापता हुए ऑटो चालक की हत्या कर शव उदयपुरा के पास माइनर में फेंक दिया गया। गुरुवार को शव मिला। गर्दन पर चोटों के निशान थे। साथ ही चेहरे को तेजाब से जलाया गया था।
वाह अड्डा निवासी अफरोज (37) पुत्र मुन्नन खां ऑटो चलाकर घर चलाता था। वह मंगलवार की शाम को ऑटो चलाने के लिए निकला था। सुबह नहीं लौटा तो घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा।
इसी बीच किसी से परिजनों को जानकारी मिली कि ऑटो सकईया पुल के पास खड़ा है। मौके पर परिजनों ने देखा तो ऑटो में डेक और बैट्री नहीं थी। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी।
गुरुवार की सुबह उदयपुरा के पास शौच को गए लोगों को माइनर में एक शव पड़ा दिखाई दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। शिनाख्त में पता चला कि यह लापता अफरोज है। मृतक के भाई गुड्डू ने आशंका जताई है कि सवारी के रूप में बैठे बदमाशों ने अपहरण के बाद अफरोज की हत्या की है।
इसके बाद शव को माइनर में फेंक दिया। उसने आरोप लगाया कि शहर कोतवाली में पुलिस ने अफरोज की गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी। थानाध्यक्ष बसरेहर जसवीर सिंह ने बताया कि उसके गले में चोट के निशान थे।
इससे लगता है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है। पहचान मिटाने के लिए चेहरे को भी तेजाब से जलाया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हत्या के विरोध में ऑटो चालकों की हड़ताल
अफरोज की हत्या के विरोध में ऑटो चालकों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हड़ताल कर दी। चालकों का आरोप है कि उसके भाई ने सुबह ही गुमशुदगी की तहरीर दे दी थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
अगर पुलिस जल्दी ही सक्रिय हो जाती तो शायद उसकी जान बच जाती। सैफई पुलिस ने भी ऑटो बरामद होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। चालकों ने जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने और परिवारवालों को आर्थिक सहायता मुहैया करवाने की मांग जिला प्रशासन से की।
चार बेटियों के सिर से बाप का साया उठा
ऑटो चलाकर ही अफरोज अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी सीमा के अलावा चार बेटियां सैरी (12), निशा (5), नौरीन (8) और अलीना (3) हैं। बाप का साया उठने से सभी बेहाल हैं। अब परिवारवालों की परवरिश पर भी संकट आ गया है।