हथियारबंद लोगों ने एसएसपी आवास के सामने गुरुवार को दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक की मौत की तस्दीक करने के बाद हमलावर आराम से भाग निकले।
वारदात के पीछे युवक का ससुराल वालों से विवाद होना सामने आया है। मृतक की मां ने चार नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें से पुलिस ने युवक की सास व दो युवकों को हिरासत में लिया है।
युवक पत्नी के अपहरण के आरोप में दर्ज रिपोर्ट पर हाईकोर्ट से जारी अरेस्ट स्टे आर्डर की कॉपी देकर अपने वकील के साथ कचहरी से बाहर निकला था। हत्याकांड के विरोध में वकीलों ने कामकाज ठपकर एसएसपी आवास के सामने जमकर हंगामा किया।
पुलिस के मुताबिक मैनपुरी में बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव हकीमपुर निवासी सुशील मोहन पांडेय (26) पुत्र रामकिशन पांडेय का अपने ससुरालीजनों से विवाद चल रहा था। पहली मई 2015 को सुशील के खिलाफ सिविल लाइन थाने में सास नीरज मिश्रा ने अपनी पुत्री अमृता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी मामले में गुरुवार को सुशील अपने वकील एवं पूर्व डीजीपी महेश चंद्र द्विवेदी के भतीजे सुबोध द्विवेदी को हाईकोर्ट से जारी अरेस्ट स्टे आर्डर की कॉपी देने के लिए आया था। सुबह उसे खुद पर हमले की आशंका हुई तो उसने अपने वकील से एसएसपी चौराहे तक छोड़ने और बस में बैठाने का आग्रह किया।
वकील सुबोध द्विवेदी बाइक से उसे एसएसपी चौराहे पर बस में बैठाने के लिए ला रहे थे। तभी सुबह करीब नौ बजे एसएसपी आवास के सामने पहले से ही घात लगाए खड़े हमलावरों ने उनकी बाइक रोक ली और दोनाली बंदूक से सुशील पर फायर झोंक दिए। सुनील को दो गोलियां लगीं।
एक गोली पेट में लगते ही वह वहीं पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा। हमले में वकील सुबोध बाल-बाल बच गए। घटना के बाद दोनों हमलावर बाइक से भाग निकले। वारदात के वक्त लोग कचहरी जा रहे थे। फायरिंग की आवाज से लोगाेें में अफरातफरी मच गई। लोगों ने एसएसपी आवास के सामने हत्या की जानकारी पुलिस को दी।
इस पर एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी सर्वानंद यादव, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा, एसओ सिविल लाइन विनोद यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस सुशील को लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डाक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी ने बताया मृतक की मां मालती देवी ने समधी महेश मिश्रा, उनकी पत्नी नीलम, पुत्र बृजेश तथा विमल तिवारी निवासी ब्रह्मनगर रामलीला रोड इटावा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएसपी ने बताया कि विमल तिवारी व नीलम मिश्रा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
वकीलों में आक्रोश, जुलूस निकाला, नारेबाजी
इटावा। एसएसपी आवास के सामने भीड़भाड़ वाले इलाके में अधिवक्ता के साथ जा रहे एक युवक की हत्या की जानकारी जैसे ही कचहरी पहुुंची वकीलाें में आक्र ोश भड़क गया।
अधिवक्ताओं ने कचहरी से लेकर एसएसपी आवास तक जुलूस निकाल कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कचहरी में सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की। एसएसपी मंजिल सैनी ने तीन दिन के भीतर कचहरी की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
अधिवक्ताओं के एसएसपी आवास की ओर जाने की सूचना मिलते ही वहां पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। गेट के बाहर हंगामा करने की जानकारी एसएसपी मंजिल सैनी को मिलते ही उन्होंने वकीलों के प्रतिनिधि मंडल को मुलाकात के लिए अंदर बुला लिया।
एसएसपी ने वकीलों की बात को पूरी गंभीरता से सुना। अधिवक्ता डीडी मिश्रा, सुबोध द्विवेदी, सुनील टंडन, रमाकांत चतुर्वेदी, सीपू चौधरी अनुपम मिश्रा ने हमलावरों की शीघ्र गिरफ़्तारी तथा कचहरी की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
एसएसपी ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि हमलावरों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा तथा तीन दिन के भीतर कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद वकीलों का गुस्सा कुछ ठंडा पड़ा।
कचहरी में असलहा लेकर प्रवेश पर पाबंदी
इटावा। कचहरी मार्ग पर गुरुवार सुबह हुई हत्या की वारदात को लेकर पुलिस प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। एसएसपी ने कचहरी की सुरक्षा को लेकर पूरे परिसर का पैदल भ्रमण कर सभी छह प्रवेश द्वारों का जायजा लिया।
वहां पर पुलिस की तैनाती की गई। अब कोई भी व्यक्ति असलाह लेकर कचहरी में प्रवेश नहीं कर सकेगा। कचहरी की सुरक्षा कमान प्रभारी इंस्पेक्टर श्रीधर सिंह को सौंपी गई है। उनके साथ तीन एसआई, 12 कांस्टेबिल व दो महिला कांस्टेबिल भी लगाए गए हैं। पुलिस के अलावा डेढ़ सेक्शन पीएसी भी तैनात रहेगी।
दिनदहाड़े हत्या की वारदात से एसएसपी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी गंभीर नजर आईं। करीब में स्थित अपने आवास से वह पैदल चलते हुए घटनास्थल पर पहुंची। उसके बाद वह सदर हवालात गई और उसका जायजा लिया। इस दौरान पेशी पर आए कैदियों ने गर्मी के चलते फर्राटा पंखे की मांग की।
इस पर उन्होंने विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद एसएसपी ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीजेएम से बातचीत की। इसमें निर्णय लिया गया कि कचहरी समय के एक घंटे बाद वादकारी और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जाएगी। साथ ही सभी गेटों पर चेकिंग की जाएगी। असलाहधारियों का प्रवेश निषिद्ध रहेगा।
जल्द ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इनका नियंत्रण पुलिस के नगर नियंत्रण कक्ष से रहेगा। इसके लिए फंड प्राप्त होते ही कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। एसएसपी पीएसी के कैंप में भी गई। उनके रहने की व्यवस्था देखी और उनकी संख्या का आकलन किया। उन्होंने बताया कि यह सुरक्षा व्यवस्था 29 मई से लागू हो जाएगी।
एक एसआई और दो आरक्षी हर रोज सुबह 7 बजे से कचहरी में भ्रमण पर रहेंगे जो कचहरी बंद होने पर सतर्क दृष्टि रखेंगे। इस दौरान उनके साथ सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा एवं सिविल लाइन थानाध्यक्ष विनोद यादव आदि मौजूद रहे।
पति के साथ रह रही थी अमृता
एसएसपी आवास के पास युवक की हत्या के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस उन्हीं सवालों का जवाब खोजने में लगी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पति पर पत्नी के अपहरण का आरोप लगा था वह उसी के साथ आगरा में रह रही थी।
पति की मौत की खबर से उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। इटावा पहुंची अमृता पति के शव को देखकर बेसुध होकर विलाप करने लगी। मृतक सुशील मोहन के खिलाफ जितने भी मामले दर्ज थे वह अपनो से ही जुड़े थे। एफआईआर दर्ज कराने वाली भी उसकी सास नीलम मिश्रा दी।
सास ने ही अपनी बेटी यानि सुशील मोहन की पत्नी अमृता के अपहरण की रिपोर्ट मृतक के खिलाफ दर्ज कराई थी। जबकि पति-पत्नी एक साथ आगरा में रह रहे थे।
अपहरण के इसी मामले में हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे आर्डर दिया था। यानि कहीं न कहीं इस मामले में पत्नी की ओर से ब्यान दिया गया होगा जिसके बाद यह आदेश हाईकोर्ट ने जारी किया। इसी आदेश को मृतक अपने वकील को देने कचहरी आया था।
आपराधिक प्रवृत्ति का था सुशील मोहन
मैनपुरी। इटावा में सुशील मोहन पांडेय की हत्या की खबर मिलने पर उसके पड़ोसियों को अचरज नहीं हुआ।
बरनाहल के मोहल्ला पालीवाल निवासी सुशील मोहन पांडेय मां-बाप का इकलौता पुत्र था। उसके परिवार में तीन अन्य बहनें हैं। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। पिता रामू पांडेय का भी दो वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है
उसके घर के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार सुशील आपराधिक प्रवृत्ति का था। उस पर इटावा मैनपुरी और फीरोजाबाद में कई मुकदमे दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार इटावा में सुशील पर अपहरण के दो, जानलेवा हमले का एक मुकदमा है। वहीं फीरोजाबाद में भी उस पर जानलेवा हत्या का मामला दर्ज है।
इसी प्रकार मैनपुरी के बरनाहल थाने में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज है। ऐसे में उसकी हत्या की खबर पर पड़ोसियों ने कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं जताई।