अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। एक्सप्रेस-वे पर काम करने वाली कंपनी के अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर कर्मचारी प्लांट की मिट्टी बेच रहे है। इसका खुलासा डंपर को पकड़ने के बाद हुआ। थानाध्यक्ष ने भी ओवरलोड ट्रक पकड़ने के बाद अवैध खनन की रिपोर्ट भेजी है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर निर्माण करने वाली एनसीसी कंपनी के दो डंपरों शुक्रवार को निर्माणाधीन तहसील के आवासीय परिसर में ठेके पर प्लांट से अवैध मिट्टी खनन कर डाल रहे थे। एसडीएम ताखा घनश्याम वर्मा ने दोनों डेपरों को पकड़ा था। प्लांट पर तैनात कर्मचारी मृत्युजंय ने अपने प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज बाल्यन को सूचना दी कि किसानों के ट्रैक्टर पकडे़ गए हैं। जब थानाध्यक्ष ने दोनों डेपरों को सीज कर दिया तो कर्मचारी अपने बचाव में जुट गए। थानाध्यक्ष सतीश राठौर ने बताया कि डंपरों को ओवरलोड में सीज किया गया है। अवैध खनन की रिपोर्ट भी भेजी गई है।
क्या है पूरा मामला
भरतिया चौराहा पर एनसीसी कंपनी ने अपना प्लांट लगभग दो वर्ष पहले आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर लगाया था। कंपनी ने ऊसराहार थाना क्षेत्र में पड़ने वाले मार्ग का निर्माण पूरा किया है। दो माह से प्लांट से मशीनों को हटाने का कार्य चल रहा है। नियमानुसार जिस जगह को प्लांट स्थापित करने के लिए लीज पर लिया गया था उसे कंपनी समतल एवं उपजाऊ मिट्टी से लेवल कर जमीन मालिक को वापस देना है। प्लांट पर गिट्टी मिक्स खराब मिट्टी को हटाकर कंपनी को एक जगह डंप करना था। जो बाद मे मेंटीनेस के लिए प्रयोग की जा सकती थी। यहां प्लांट पर तैनात कर्मचारियों ने पिछले एक माह से इस मिट्टी को चोरी छिपे बेचना शुरू कर दिया। कंपनी के ही डंपरों से मिट्टी खरीदने वाले को भेजी भी जाने लगी।