अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। यमुना नदी में कछुआ तस्कर सक्रिय हैं। ये चोरी छिपे यमुना के तटवर्ती गांवों से कछुआ लेकर बड़े तस्करों के जरिए कोलकाता भेजते हैं। मंगलवार को फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस ने 129 कछुआ के साथ दो तस्करों को धर दबोचा। पुलिस ने उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
यमुना से कछुआ तस्करी की काफी समय से सूचनाएं मिल रही थीं। फ्रेंड्स कॉलोनी थानाध्यक्ष भोलू सिंह भाटी हमराह फोर्स के साथ गश्त पर थे। मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ लोग क्षेत्र से कछुओं को पकड़ कर उन्हें कोलकाता ले जाकर बेचने की फिराक में है। इसी सूचना पर उन्होंने उपनिरीक्षक राज कुमार शर्मा व अन्य पुलिस फोर्स के साथ लोकासई नहर पुल के पास छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास मिली चार बोरियों में कछुआ भरे थे। पुलिस उन्हें पकड़कर थाने लाई और पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम किशन गोपाल व विनोद निवासी कोकपुरा, इटावा बताया। पूछताछ में पकडे़ लोगों ने बताया कि वह क्षेत्र से चोरी-छिपे कछुओं को पकड़कर उन्हें कोलकाता ले जाते हैं जहां उन्हें प्रति कछुआ एक से डेढ़ हजार रुपयेे मिलते हैं। पुलिस ने जब कछुओं की गिनती की तो कुल 129 कछुआ बरामद हुए। पुलिस ने उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अघिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सूचना मिलने के बाद भारतीय वन्य जीव संरक्षण संस्थान के संरक्षण अधिकारी राजीव चौहान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उनक ी प्रजाति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पकडे़ गए कछुओं में सुंदरी व कटावा प्रजाति के कछुआ थे। दोनों प्रजातियां वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची एक में दर्ज हैं। बाद में पकडे़ गए कछुओं को स्कान महासचिव संजीव चौहान की देखरेख में उनके प्राकृतिवास यमुना नदी में छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार कछुआ के गोश्त की काफी डिमांड रहती है। इसका उपयोग शक्तिवर्द्धक दवाइयों में भी किया जाता है। जिसकी वजह से तस्कर कछुआ कोलकाता ले जाकर बेचते हैं।
- यमुना से हो रही कछुआ की तस्करी
- इटावा से सीधे कोलकाता भेजे जाते हैं कछुआ
- पुलिस ने 129 क छुआ के साथ दो तस्करों को दबोचा
फोटो नं 15 -फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस की गिरफ्त में कछुओं के साथ तस्कर
16- कछुआ दिखाते वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान।