थाना चकरनगर परिसर के सूखे कुएं में मंगलवार देर शाम को एक प्राइवेट रसोइये ने छलांग लगाकर जान दे दी। वह थाने में खाना बनाने का काम करता था।
घरवालों का आरोप है कि पांच माह से उसे मानदेय नहीं दिया गया था। तंग आकर उसने खाना बनाना बंद कर दिया तो मंगलवार शाम को दो सिपाही उसे घर से ले गए। आरोप लगाया कि उसका उत्पीड़न किया गया तो तंग होकर उसने कुएं में छलांग लगा दी। खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन के होश उड़ गये।
आनन-फानन सिपाहियों ने रसोइयों के शव को निकालकर जिला अस्पताल ले लाए लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चकरनगर में रहने वाला औसाव अली का छोटा बेटा रौनक अली (25) खाना बनाने का काम करता है। पिता औसाव अली ने बताया कि रौनक की दोस्ती थाने के फॉलोअर से थी। उसके बाद वह थाने आने-जाने लगा।
पहले कभी-कभी और बाद में रौनक लगातार थाने में खाना बनाने का काम करने लगा। करीब पांच माह से रौनक थाने में खाना बनाने का काम कर रहा था लेकिन उसको निर्धारित मानदेय नहीं मिला। इसकी वजह से दो दिन से रौनक थाने नहीं गया।
मां असगरी ने बताया कि शाम को पांच बजे थाने के दो सिपाही घर आये और रौनक को ले गए उसके बाद रौनक ने थाना परिसर के सूखे कूएं में छलांग लगाकर जान दे दी है।
पुलिस ने औसाव अली को बेटे रौनक के कुएं में गिरने की सूचना दी। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। वहीं, सूत्रों की मानें तो रौनक के पैसे मांगने पर थाने की पुलिस ने उसे जमकर लताड़ लगाई।
इससे क्षुब्ध होकर उसने जान दे दी है। थाना प्रभारी चकरनगर गंगादास गौतम समेत तमाम पुलिस कर्मी घायल को लेकर जिला अस्पताल निकल गए है।
वहीं थाना चकरनगर में उपजिलाधिकारी चकरनगर इंद्रजीत सिंह समेत तहसीलदार व सर्किल का समस्त थाना इंचार्ज मौके पर थे। एएसपी रामबदन सिंह का कहना है कि पुलिस उत्पीड़न की बात सामने नहीं आई। रसोइये के कुएं में कूदने की सूचना मिली थी। इस मामले में बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।