ऊसराहार (इटावा)। हाईवे लुटेरों में शामिल शिवम डस्टर (कार) का बीमा कराने के लिए सिपाही पिता द्वारा दी गई रकम खर्च होने पर अपराध की दुनिया में उतर गया। साथियों के साथ लूट की वारदातों को अंजाम देने लगा। वह बिना बीमा के ही कार चला रहा था।
बीते दिन पकड़े गए लुटेरों में शामिल शिवम यादव के पिता के नाम पर डस्टर पंजीकृत है। इसका बीमा कराने को पिता ने तीस हजार रुपये दिए थे। शिवम से ये रुपये खर्च हो गए। पूछतांछ में पता चला कि रुपये खर्च हो जाने पर वह वाहनों से लूट में शामिल हो गया था। साथियों के साथ दो वाहनों को ही नहीं लूटा बल्कि मैनपुरी के किशनी क्षेत्र एवं कन्नौज के सौरिख क्षेत्र में भी लूटपाट की कोशिश की पर चालकों की समझदारी से नाकाम रहा।
ऊसराहार क्षेत्र और ऐरवा कटरा क्षेत्र में दो ट्रकों को लूटने के अलावा इन बदमाशों ने खुद को अन्य वारदातों में शामिल होना बताया है। ये पेशेवर तरीके से घटनाएं करते थे। चालक-परिचालक को वाहन में डाल लेते थे या कहीं खेतों पर या अनजान जगह पर बांध कर फेंक देते थे। पुलिस से मुठभेड़ में घायल बदमाश आशीष यादव अकेले ही लूटा वाहन ले जाया करता था। इन चारों ने किशनी थाना क्षेत्र में धान से लदे वाहन को लूटने का प्रयास किया था। सौरिख क्षेत्र में भी धान लदे ट्रक को लूटने की कोशिश की थी। चालक समझ गया था और वह वाहन को भगा ले जाने में कामयाब रहा। थानाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि चारों पेशेवर तरीके से अपराध करते थे। इन पर संगठित अपराध करने के आरोप में गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लुटेरों का सरगना आशीष यादव पहले ट्रक चलाता था। विनय यादव भी ट्रकों पर हेल्परी करता था। यहीं से दोनों अपराध की दुनिया में कूदे और मैनपुरी कन्नौज, इटावा और औरैया जिलों में वारदातों को अंजाम देने लगे थे।
-कार के बीमा की रकम खर्च होने पर शिवम बना लुटेरा
-पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचे थे हाईवे के चार लुटेरे
अमर उजाला ब्यूरो