बकेवर/इटावा। चार दिन पूर्व सड़क हादसे का शिकार हुए छह लोगों में पांच की सिर में चोट और पिकअप गाड़ी चला रहे चालक की मौत अंदरूनी चोट से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। वहीं, इस घटना के वायरल वीडियो से थाना पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है।
फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के तहत पक्काबाग, अर्जुननगर के सामने हाईवे पर मंगलवार रात ट्रक की टक्कर से पिकअप मालिक/चालक राजेश यादव समेत उसमें सवार छह सब्जी विक्रेताओं की मौत और एक घायल हो गया था। आगरा से आए तेज रफ्तार ट्रक ने डिवाइडर को पारकर दूसरी साइड से गुजर रही पिकअप में इतनी जोर से टक्कर मारी कि वह हाईवे से करीब 20 फीट नीचे एक पानी से भरे प्लाट में जाकर गिरी थी।
सभी छह मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि चालक राजेश को छोड़कर बाकी पांच सब्जी विक्रेताओं की मौत सिर में चोट लगने से हुई। इन सभी के शव हाईवे के नीचे पानी में पड़े मिले थे। शवों के पानी में पड़े होने का वीडियो वायरल हुआ है। जिसे मृतकों के ही किसी स्वजन मौके पर बनाया और उसमें कुछ लोग रोते हुए सुनाई दे रहे हैं।
फ्रेंड्स कालोनी थाना प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार ने बताया कि राजेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शॉक एंड हेमरेज को मौत का कारण बताया गया है। इस संबंध में पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. सत्यम गुप्ता ने बताया कि शॉक एंड हेमरेज तब होता है, जब शरीर में अचानक खून की कमी यानी ब्लड लॉस हो जाए। आमतौर दुर्घटना के वक्त चालक की छाती में स्टियरिंग घुस जाती है। हड्डी के टूटने से फेफड़े व दिल जख्मी होते हैं। इससे शरीर के अंदर रक्तस्राव होता है और मौत हो जाती है।
उधर दुर्घटना को लेकर सब्जी विक्रेता मृतक बृजेश व महेश के बड़े भाई सर्वेश ने बताया कि उन्हें जब घटना की सूचना मिली तो वे मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ अपने दोनों भाइयों का पता करने जिला अस्पताल पहुंचे। वहां सब जगह भाइयों को तलाश किया। उन पुलिस वालों से भी पूछा जो पहले दो लोगों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन किसी ने भी जानकारी नहीं दी, तब वे मौके पर गए। हाईवे पर किसी के न दिखने के बाद नीचे की तरफ पानी भरे हिस्से में जाकर खोजा। करीब घंटे भर खोजने के बाद पांचों लोगों के शव पानी में पड़े मिले, तब तक थाना या 112 नंबर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी।
सब्जी विक्रेता मृतक जागेश्वर व जगदीश के भाई खेमसिंह ने बताया कि पुलिस ने हादसे के शिकार लोगों का पता लगाने की कोई कोशिश ही नहीं की। यदि सभी पांचों को पानी से तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया होता तो संभवत उनमें से किसी की भी जान बस सकती थी। पुलिस इन पांचों को सुबह 5 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।