इटावा। धान की खुली लूट के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और किसान सभा ने किसानों के साथ नई मंडी का घेराव किया। सामान्य धान का समर्थन मूल्य मंडियों में लागू कराने, सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद एवं 200 रुपये प्रति कुंतल बोनस देने, उच्चकोटि के धान बासमती 1509, पी 10 का समर्थन मूल्य 4000 रुपये कुंतल कर खरीद की मांग की गई। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया।
इस मौके पर माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य मुकुट सिंह ने कहा कि धान के भाव में भारी गिरावट ने पहले से बर्बाद किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। केंद्र व उप्र सरकार किसानों के लिए घड़ियाली आंसू तो बहाती है किंतु काम बड़े पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों के लिए कर रही है। मुकुट सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार स्वामीनाथन कृषि आयोग की सिफारिशों को लागू करने से मुकर गई है। 1509 बासमती, पी 10 धान मोदी सरकार आने से पूर्व वर्ष 2013 में 4500 रुपये प्रति कुंतल था जो अब 1000-1100 रुपये कुन्टल है।
जबकि चावल के भाव में कोई कमी नहीं आई है। इसी तरह जो अरहर किसानों से अधिकतम 4400 रुपये कुंतल खरीदी गई उसी की दाल का भाव बाजार में 20-22 हजार रुपये कुंतल है। गन्ना किसानों का यही हाल है। यह सब नीतियों का फेर है। किसानों की आत्महत्याओं में वृद्धि हो रही है। माकपा जिला मंत्री अमर सिंह शाक्य ने मुआवजे का भुगतान शेष बचे किसानों को देने की मांग उठाई।
रामप्रकाश पोरवाल ने कहा कि सामान्य धान 800-900 रुपये कुंतल बिक रहा है। जबकि समर्थन मूल्य 1410-1450 रुपये कुंतल है। किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य ने ऐलान किया कि यदि सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू न की गई तो क्रय केन्द्रों का घेराव होगा।
किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्राम सिंह यादव ने कहा कि जिला पंचायत चुनाव में धन, बल, शराब, लग्जरी गाड़ियों के प्रयोग व प्रशासन के पक्षपात ने जनतंत्र का मखौल उड़ाया हैं। इस मौके पर अनिल दीक्षित ,पंचम सिंह यादव, विवेक यादव, राजकपूर दिवाकर, किशनबाबू, डा संतोष गोयल, धर्मवीर राजपूत, संतोष राजपूत, विनोद कठेरिया, प्रेमशंकर सविता आदि मौजूद थे। अध्यक्षता विशंभरनाथ वर्मा व संचालन संतोष शाक्य ने किया।