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सम्मान सामान्य वस्तु नहीं-केशरी

Sat, 14 Nov 2015 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
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इटावा। पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि सम्मान कोई सामान्य वस्तु नहीं है। कोई भी सम्मान किसी न किसी विशेषता के कारण दिया जाता है। यह वह धरोहर है जिसे तिजोरी में बंद करके नहीं रखा जा सकता बल्कि यह प्रयास होता है कि वह दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने।श्री त्रिपाठी ने कहा कि हम भारतीयों की एक बड़ी कमजोरी है कि जो चीज पश्चिम से आए, उसे अंगीकार कर लेते हैं।
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अपनी चीज को हीन भावना से देखते हैं। कुछ लोगों का काम ही यह होता है कि अवरोध पैदा करने के लिए शोध करते रहें। हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि हिंदी संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा बन जाए तो यह बड़ी उपलब्धि होगी लेकिन इस पर भी गौर करना चाहिए कि जिन देशों की भाषा यूएन की भाषा नहीं है। वह कैसे तरक्की कर रहे हैं।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि यह सही है कि यदि हिंदी यूएन की भाषा होगी तो वह प्रेरणा बनेगी लेकिन हिंदी की समृद्घि के लिए कई अहम कदम उठाने बाकी हैं। संविधान में स्पष्ट है कि शासन स्तर पर हिंदी की समृद्घि के लिए प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की भाषा केवल हिंदी हो, इसे अभी प्राप्त नहीं कर सके हैं। आज संविधान के इस अनुच्छेद का पालन नहीं हो रहा। हिंदी में शब्द निर्माण की क्षमता है, नए नए शब्द तलाशने की क्षमता है। ऐसे में हमें अपनी मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। हिंदी को राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ने की जरूरत है। इसे बाजार की भाषा बनाना आवश्यक है। मैकाले की शिक्षा पद्घति ने हमें मानसिक रूप से अपनी राष्ट्रभाषा के गौरव से दूर कर दिया।
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