शहर के प्राचीन श्री कालीबाड़ी मंदिर में गुरुवार को हुए सम्मेलन में गौरक्षा, धर्म रक्षा, राष्ट्र रक्षा तथा गंगा नदी में दिनों दिन बढ़ रहे प्रदूषण पर चर्चा हुई।
इस मौके पर साधु-संतों ने देश में गाय माता की रक्षा के लिए गोवध अधिनियम को भी लागू करने की मांग की। इसका आयोजन अखिल भारतीय संत समिति ने किया था।
सम्मेलन में अध्यक्ष महंत सत्यनारायण नंददास ने कहा कि अथर्व वेद में लिखा है कि जिस राष्ट्र में गौ माता को पीड़ा होगी वह न कभी उन्नति कर सकता है और न ही कभी सुखी रह सकता है। बिना गौ माता के विश्व कल्याण संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिए शहर व गांवों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग न मानी तो देश भर के साधु-संत घेराव भी करेंगे।
स्वामी बृजानंद अवधूत ने कहा कि सनातन धर्म पर लगातार कुठाराघात किए जा रहे हैं, जिसे संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि संत समिति कानपुर नगर के संयोजक प्रकाशानंद व संगठन मंत्री आशुतोष गिरि का आचरण ठीक न होने के कारण समिति ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष व कालीबाड़ी मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि गोहत्या से ही आज देश में चारों तरफ प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब गौ माता सुखी होती हैं तो सतयुग बस जाता है। गौ माता के दुखी होते ही कलियुग आ जाता है।
सम्मेलन में समिति के महामंत्री स्वामी रामानंद तीर्थ, कानपुर विभागाध्यक्ष महंत उमाकांत महाराज, औरैया अध्यक्ष महंत राम किशोर दास, वाराणसी विभाग के अध्यक्ष महंत घनश्यामदास, प्रभुदास, नारायणदास, उरई से आए महंत रामदास महाराज, प्रदीपानंद, राधे बाबा, सुरेशानंद, रामपदारदास, भगवानदास त्यागी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, काशी विश्वनाथ, कृष्ण कृपा गौ रक्षा संगठन के अध्यक्ष सत्यदेव शर्मा, शिवनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।