इटावा। रंजिशन युवक की हत्या करने वाले दो दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वारदात चौबिया थाना क्षेत्र के नगला धौकल गांव में मार्च 2017 को हुई थी।
राज्य की ओर से इस मामले के पैरवीकर्ता सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दंड संजीव कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि चौबिया थाना क्षेत्र के नगला धौकल गांव निवासी सुनील कुमार पुत्र लज्जाराम ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 13 मार्च 2017 की शाम करीब सवा सात बजे उनका चचेरा भाई दुर्वेश कुमार उर्फ सिंधी पुत्र लायक सिंह घर के सामने चबूतरे पर बैठा हुआ था।
इसी दौरान गांव के ही दीप सिंह पुत्र महरबान सिंह और रिषी कुमार पुत्र जबर सिंह दरवाजे पर आए। ये लोग दुर्वेश को पकड़ ले गए। घर से करीब 30 मीटर दूर ले जाकर दीप सिंह ने तमंचे से दुर्वेश को गोली मार दी। गोली दुर्वेश के कमर में लगी। गोली की आवाज सुनकर वे और दुर्वेश के पिता लायक सिंह मौके पर पहुंचे तो ये लोग तमंचा लहराते हुए भाग गए। दुर्वेश को जिला अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके कोर्ट में धारा 302/34 के तहत आरोपपत्र प्रस्तुत किया। शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि दुर्वेश को एक ने पकड़कर दूसरे ने रंजिशन गोली मारी। इसमें दुर्वेश की मौत हो गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विवेक त्रिपाठी ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को हत्या करने का दोषी पाया। कोर्ट ने गत सोमवार को दीप सिंह व रिषी कुमार को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। दीप सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 का भी दोषी पाया गया है। इस पर उसे एक साल की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।