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इस महीने समाप्त हो जाएगी कोरोना की तीसरी लहर

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इटावा। सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से चर्चा में इस महीने के आखिरी तक कोरोना की तीसरी लहर समाप्त होने की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर शुरू होने से पहले प्रदेश में 10 वर्ष आयु तक के बच्चों वाले माता-पिता को कोरोना से बचाव का टीका लगवा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश भर के जिलों में दौरे कर रहे हैं। हर जिले में सीएचसी स्तर पर 100-100 पीडियाट्रिक बेड के वार्ड की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय में जो लोग वैक्सीनेशन का विरोध कर रहे थे, आज वैक्सीन की पैरवी कर रहे हैं।
योगी ने कहा कि बेहतर प्रबंधन से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित किया है। 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार नए केस आए थे। आज छह हजार केस आए हैं। 21 दिनों में दो लाख 16 हजार एक्टिव केस कम हुए हैं। प्रदेश में टेस्ट क्षमता बढ़ाई गई है। पिछले 24 घंटे में तीन लाख सात हजार टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में अभी तक चार करोड़ 65 लाख टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में रिकवरी रेट 93 प्रतिशत से अधिक है।
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प्रदेश में 300 से अधिक आक्सीजन प्लांट निर्माणाधीन हैं। कई का निर्माण पूरा भी हो चुका है। इससे आने वाले समय में सभी जिले आक्सीजन में आत्मनिर्भर हो जाएंगे। जिला चिकित्सालयों में 25 से 30 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने का काम चल रहा है।
जिले में 1.20 लाख लोगों को लगी वैक्सीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा में भी कोरोना लड़ाई में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जन प्रतिनिधियों के साथ अधिकारी, चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के चिकित्सक व हेल्थकेयर वर्कर्स समेत सभी ने पूरी मेहनत से काम किया। एक समय इटावा में कोविड पॉजिटिव रेट 30 प्रतिशत था, अब दो फीसदी से नीचे है। यह बड़ी उपलब्धि है। जिले में 1.20 हजार लोगों को निशुल्क वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
पहली बार सैफई आए योगी
सैफई। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। मुख्यमंत्री चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के कुलाधिपति भी हैं। विवि में बने 200 बेड के एल-3 अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी और चिकित्सा सेवाओं में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
2005 में हुई थी स्थापना
मुलायम सिंह यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी। देश में ग्रामीण क्षेत्र में यह अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान था। वर्ष 2012 में अखिलेश यादव की सरकार बनने के बाद इसका विस्तार हुआ। 2015 में चिकित्सा विश्वविद्यालय का रूप दिया गया। यहां मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज के साथ गंभीर रोगों के अत्याधुनिक उपचार की व्यवस्था है। प्रदेश के 15 जिलों के साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा तक के मरीज यहां आते हैं।
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