इटावा। शहर के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन का रवैया बहुत लचीला है। शहर मे लगवाए गए सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। वारदात होने पर पुलिस दुकानों, शोरूम के बाहर लगे कैमरों के सहारे रहत है।
वर्ष 2015 में एटीएम लूटकांड और एक सराफा व्यापारी के साथ लूट होने के बाद शहर के कई प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कैमरे लगाने का मकसद था कि घटना के बाद तुरंत आरोपी की पहचान हो सके और वह किसी ओर भागा है यह पता चल सके। साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मी संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखते थे। शहर की गतिविधियों को भी देखते रहते थे। शहर में कहीं जाम भी लगता था तो कंट्रोल में बैठे पुलिस कर्मी तत्काल संबंधित थानों या ट्रैफिक पुलिस को इसका सूचना देते थे। वर्षों से खराब पड़े कैमरों के कारण अब कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस कर्मियों के हाथ में कुछ भी नहीं है। वहीं घटना होने पर पुलिस अब लोगों के घरों और दुकानों मे लगे सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेती है।
रात में जरूरी हैं कैमरे
रात के समय अधिकतर व्यापारी दुुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे और लाइट बंद करके चले जाते हैं। रात में चोरी जैसी घटनाएं होती हैं। इसलिए रात के समय सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी प्रमुख चौराहों और बाजार में नाइट विजन कैमरा होना चाहिए।
अपराधियों को ट्रेस नहीं कर पाई पुलिस
थाना फ्रैंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के जेके हास्पिटल के पास कृष्णा पुरम निवासी विनीता के साथ बीते गुरुवार को लगभग तीन बजे रिक्शे से स्टेशन रोड पर स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए निकलीं थीं। वह मेडिकल स्टोर पर पहुंच पातीं उससे पहले ही लुटेरों ने उनकी चेन लूट ली और फरार हो गए। बीच बजार हुई लूट की इस घटना से बाजर में भी लोग अवाक रह गए। घटना के बाद से व्यापारियों और आम जनता दोनों में डर का माहौल है। मामले में लगभग एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर में लगे कैमरे से अपराधियों की पहचान तो कर ली थी। लेकिन उनकों ट्रेस नहीं कर पाई है। अगर शहर के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे सही होते तो पुलिस आसानी से लूटेरों को ट्रेस कर लेती। मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि लुटेरों की लोकेशन अभी तक नहीं मिली है। पुलिस टीम उनकी लोकेशन तलाशने में जुटी हुई है।
व्यापारियों की प्रतिक्रिया
कैमरे अगर सुचारु रूप से चलें तो अपराध पर बहुत हद तक लगाम लगाई जा सकती है। कैमरे के डर से कोई भी अपराध करने से पहले सोचेगा।
शरद यादव, बलराज स्वीट्स
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे बहुत ही आवश्यक हैं। कैमरों की मदद से घटना के बाद अपराधियों को पकड़ना आसान होगा।
सुखबीर सिंह, व्यापारी
जब सीसीटीवी कैमरे सही हालत में थे, उस समय लूट और चोरी जैसी घटना बहुत कम हो गई थी। अगर कैमरे चालू हो जाते हैं तो फिर से अपराधों पर लगाम लग जाएगी।
अंकित तिवारी, शास्त्री चौक