सेंगर नदी पर बनी पुलिया में हुए गड्ढे
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इटावा। इटावा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बहुत खस्ता है। पूरी सड़क पर गड्ढों और बजरी फैली होने से चलना मुश्किल है। हर रोज हादसे होते रहते हैं। अंग्रेजों के जमाने में बनाई गई पुलिया भी जर्जर हालत में है। पुलिया संकरी होने के कारण यहां अक्सर जाम लगा रहता है। यह कभी भी टूट सकती है।
एनएच 92 राजमार्ग पर अंग्रेजों के समय दतावली नहर पर पुलिया और सेंगर नदी पर एक पुल बनाया गया था। पुल और पुलिया इतने संकरे हैं कि एक बार में एक ही बड़ा वाहन निकल सकता है। पुलिया पर गड्ढ़े हो गए है। पुलिया टूटने से इटावा- फर्रुखाबाद और बरेली से यातायात का संपर्क टूट जाएगा। इटावा से बरेली जाने के लिए एनएच 92 ही केवल एक रास्ता है। कभी गड्ढों में फंस कर गाड़ी पलट जाती है तो कभी ब्रेक लगाने पर बजरी के कारण गाड़ी फिसल जाती है। सबसे अधिक परेशानी दो पहियां वाहन चालकों को होती है। बसरेहर निवासी रोमी सविता ने बताया कि दो दिन पहले ही मोटर साइकिल से जा रहे दो युवक ट्रक को ओवर टेक करते समय बजरी के कारण फिसल कर गिर गए थे।
इटावा-बरेेली हाईवे फोरलेन बनवाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। 326 करोड़ की लागत से 240 किमी लंबे हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। अगस्त 2020 में ही विश्व बैंक राजमार्ग बनाने की स्वीकृति दी थी। राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी शुरू हो चुका है। जमीनों का सर्वे भी किया जा रहा है। सबसे बड़ी समस्या हाईवे के रास्ते में आने वाले पेड़ है। डीएफओ अतुल कांत शुक्ला ने बताया राज्य सरकार के नया नियम लागू कर पेड़ काटने पर रोक लगा दी है। राजमार्ग के पेड़ों पर फैसला केंद्र सरकार को लेना है।