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20 पटरे जुड़ जाएं तो बचे 40 किमी का चक्कर

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जलस्तर बढ़ने पर निकाले गए पीपा पुल के पटरे - फोटो : ETAWAH
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चकरनगर (इटावा)। इटावा और औरैया को जोड़ने के लिए बना पीपा पुल लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते बंद है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर हटाए गए पटरे अब जलस्तर सामान्य होने के बाद भी नहीं जोड़े गए। पुल के दोनों ओर 10-10 फीट पर करीब 20 पटरे जोड़े जाने हैं। इसके कोई खर्च भी नहीं आना है। मगर अनदेखी की वजह से बीडड़ क्षेत्र के करीब 50 गांवों की आबादी प्रभावित है। लोगों को बेवजह 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कहने के बाद भी सुनवाई न होने से लोग परेशान हैं।
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इटावा और औरैया को जोड़ने वाले भरेह संगम क्षेत्र में यमुना पर धर्मपुरा कैथौली घाट पर पीपा पुल बना है। जलस्तर बढ़ने के दौरान निकाले गए पटरे अब तक न जुड़ने से आवागमन बंद है। लोग परेशान हैं। खेतीबाड़ी से जुड़े लोगों को ठंड में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सेंचुरी क्षेत्र में होने के कारण विभाग ने समय से अनुमति नहीं ली। इस वर्ष बारिश गुजर जाने के दो माह बाद पीपा पुल बनाकर तैयार हुआ था। एक सप्ताह तक ही आवागमन हो पाया था, तभी यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। लोकनिर्माण विभाग ने पटरे हटाकर पीपा पुल पर आवागमन रोक दिया था।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह कार्य औरैया जिले के अधिकारियों को कराना है। इस वजह से जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। भरेह प्रधान राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर, हरौली प्रधान मनीष दीक्षित, विनोद सेंगर का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से पुल चालू करने के लिए अनुरोध किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। संगम स्थित शिवालय मंदिर के पुजारी चंबल गिरी का कहना है कि गैर जनपदों से आने वाले श्रद्धालु इसी पुल से मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आवागमन करते हैं। श्रद्धालुओं को भी दिक्कत हो रही है।
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औरैया के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की है। जल्द ही पुल को चालू करा दिया जाएगा।
-गगन पाल, अवर अभियंता, पीडब्लूडी
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