इटावा। निवाड़ीकला कस्बे में बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो होने से यहां के घरों में पानी घुस गया है। लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस हालात में खेतों में भी सैकड़ों बीघे की धान की फसल भी खराब हो सकती है। ग्रामीणों की माने तो एक किसान के नाला बंद कर देने से ये हालात बने हैं। ग्रामीणों ने डीएम से समस्या निस्तारण की गुहार लगाई है।
खेतों में जलभराव को देखते हुए जिला पंचायत ने निवाड़ीकला में बालाजी मंदिर के सामने से पुरानी पूर्वांचल बैंक की शाखा तक पक्के नाले का निर्माण कराया था। कस्बे के मुख्य नाले को भी इसी से जोड़कर बिसैया नामक तालाब में छोड़ा गया था। कई वर्षों से इस तालाब का पानी इंद्रापुर मार्ग के किनारे से निकले नाले से होकर सेंगर नदी में जाता है। लेकिन इस बार एक कृषक ने नाले को अपने खेत में मिला लिया। कृषक का कहना है कि नाला यहां था ही नहीं और नक्शे में भी दर्ज नहीं है। इससे कस्बे में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है और सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गई है। तालाब के आसपास के घरों में भी जलभराव होने से लोगों को दीवार गिरने का डर सता रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से जलभराव से निजात दिलवाए जाने की गुहार लगाई है। एडीओ पंचायत श्यामवरन राजपूत ने बताया कि जलनिकासी की समस्या की जानकारी मिली है, जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।