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क्या हुआ तेरा वादा, वो इरादा

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भारेश्वर शिवालय - फोटो : ETAWAH
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चकरनगर। पंचनद और भारेश्वर संगम क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाने का वादा किसी भी नेता ने पूरा नहीं किया। आस्था की आड़ लेकर सदैव से ही ग्रामीणों को गुमराह करते आए नेताओं की टोलियां फिर शिवालय पहुंच रही हैं। लोगो उन्हें विकास कराने और पर्यटन क्षेत्र घोषित कराने का वादा याद दिला रहे हैं।
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पंचनद यमुना, चंबल, कुंवारी, सिंध व पहुंज पांच नदियों का इकलौता पावन संगम स्थल है। संगम क्षेत्र से धार्मिक आस्था को लेकर कार्तिक पूर्णिमा महाशिवरात्रि के समय दूर-दूर से महात्मा आकर पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ कमाते हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित निकटवर्ती विभिन्न जनपदों की आस्था का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद बीहड क्षेत्र में स्थित संगम का विकास नहीं हो सका।
पचंनद शिवालय पुजारी किशोर वन पचनद को पर्यटन का दर्जा न मिलने के पीछे नेताओं की अनदेखी बताते हैं। उन्होंने कहा कि वादे के बावजूद किसी ने भी पर्यटन के विकास को गति नहीं दी है। राम महेश दुबे का कहना है कि विधानसभा चुनाव में आज भी विभिन्न दलों के उम्मीदवार मंदिर परिसर में आकर मत्था टेककर पहले की तरह वादे कर रहे हैं। अब इन वादों पर विश्वास नहीं होता है। संजू परिहार का कहना है कि नेता तमाम वादे वाहवाही लूट कर जाते हैं। अभी तक अपने वादों पर कोई खरा नहीं उतरा है। धार्मिक स्थलों का विकास न होना नेताओं की अनदेखी का परिणाम है।
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