निवाड़ीकला। महेवा ब्लाक के उरैंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने से मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा रहा था। अमर उजाला ने पीएचसी में डॉक्टर तैनात न होने का मुद्दा प्राथमिकता से उठाया था। इस खबर को स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान में लिया और वैकल्पिक तौर में कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर की तैनाती कर दी है।
उरैंग पीएचसी में प्रतिदिन 100 से ज्यादा संख्या में अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं था। यहां तैनात फार्मासिस्ट का भी तबादला हो गया था। इसके बाद से एक वार्ड ब्वाय के भरोसे पीएचसी चल रही थी। अस्पताल में डॉक्टर व फार्मासिस्ट न होने से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल अथवा दूर-दराज के अस्पतालों में जाना पड़ रहा था। यह मुद्दा 28 जुलाई 2021 को अमर उजाला ने चाहिए इलाज तो पानी, पंखा लाएं साथ शीर्षक से प्राथमिकता से प्रकाशित किया था।
इस खबर को सीएमओ डॉ. भगवान दास ने संज्ञान में लिया। उन्होंने पीएचसी में वैकल्पिक तौर पर डॉ. सुशील अस्थाना की सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) के रूप में तैनात कर दिया है। शुक्रवार को डॉ. सुशील ने पीएचसी में बैठकर मरीजों को देखा। उन्हें दवाएं भी दीं। क्षेत्र खितौरा गांव निवासी ध्यान सिंह ने बताया कि सीएचओ की तैनाती से होने क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर-दराज के इलाकों में नहीं भागना पड़ेगा। अस्पताल आए रामअवतार ने बताया कि दो दिनों से बुखार आ रहा है। पता चला कि अस्पताल में डाक्टर आते है, तो दवा लेने चले आए। वहीं, सीएचओ ने बताया कि शुक्रवार को 30 से ज्यादा मरीजों को उन्होंने देखा और दवाएं दीं।