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Etawah News: धूमधाम से मनी लोहड़ी, खूब हुआ भांगड़ा

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इटावा। खुशियों भरा पर्व लोहड़ी शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। फर्रुखाबाद फाटक स्थित श्री गुरुतेग बहादुर साहेब गुरुद्वारा में देर शाम को लोहड़ी जलाई गई। इस दौरान कच्ची लस्सी, तिल, गुड़ और मूंगफली डालकर लोहड़ी की परिक्रमा की गई और एक-दूसरे को लोहड़ी की लख-लख बधाइयां दी गईं।
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सुंदरिए, मुंदरिए ओए, तेरा कौन बिचारा, दुल्ला भट्टी वाला, दुल्ले ने धी ब्याही व सबनूं लोहड़ी दी बधाई हौबे आदि गीतों पर भांगड़ा हुआ। गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष तरन पाल सिंह कालरा ने बताया कि लोहड़ी खुशियों भरा पर्व है। इस दिन परिवार में आने वाले नए मेहमान, जिसमें बहु अथवा बच्चा और आने वाली फसल के स्वागत के लिए मनाया जाता है। लोहड़ी जलने के बाद उपस्थित लोगों को रेवड़ी, गजक, मूंगफली इत्यादि बांटी गई।
उधर, पंजाबी कॉलोनी में आकाश छाबड़ा और अंजलि छाबड़ा के पुत्र समर्थ छाबड़ा, तृप्ति छाबड़ा, रविंद्र सिंह छाबड़ा लाल जी ने अरदास के उपरांत बच्चों को उपहार दिए व स्वल्पाहार कराया। नगर धनराशि देकर बच्चों की प्रसन्नता में पंख लगा दिए इस अवसर पर समाजसेवी सरदार सतनाम सिंह अरोरा के साथ ही अन्य भी मौजूद रहे।
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ज्ञान स्थली में मनी लोहड़ी



ज्ञान स्थली एकेडमी स्थित कटरा शमशेर खां में लोहड़ी का पर्व मनाया गया। प्रधानाचार्य डाॅ. प्रमोद कुमार ने कहा, कि लोहड़ी पर्व पंजाब में मनाया जाता है। वहां के किसान लोग फसल को देखते हुए खुशी मनाते हुए नृत्य करते हैं। अग्नि के चारों और घूमते हुए रेवड़ी एवं मूंगफली को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। लोहड़ी जलाकर अध्यापक-अध्यापिकाओं ने परिक्रमा की।


छात्र-छात्राओं ने किया पंजाबी गीत पर नृत्य



नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्टस में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। छात्र-छात्राओं ने पंजाबी गीत पर नृत्य किया। विद्यालय की मुख्य सलाहकार डॉ. श्रेता तिवारी ने कहा कि इस त्योहार को सती के त्याग केे रूप में मनाया जाता है। पुराणों की कथा के अनुसार जब प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री सती के पति महादेव शिव का तिरस्कार किया था। इस कारण सती ने अपने आप को अग्नि को समर्पित कर दिया था। मूंगफली, रेवड़ी, गजक एवं तिल के लड्डू वितरित किए गए।
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