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सराफा दुकानें शहर में खुलीं, जसवंतनगर में रहीं बंद

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हॉलमार्क यूनिक आईडी (एचयूआईडी) लागू किए जाने के मुद्दे पर सोमवार को बुलाई गई देशव्यापी बंदी पर सराफा कारोबारी दो धड़ों में बंटे दिखे। सराफा कारोबारियों के बीच मतभेद के चलते शहरी क्षेत्र में अधिकतर सराफा दुकानें खुली रहीं। दूसरी ओर, जसवंतनगर क्षेत्र में सराफा कारोबारियों ने दुकानें, शोरूम बंद रख सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
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बंदी से असहमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी राजीव चंदेल ने कहा कि जो लोग दुकानें बंद करने का समर्थन कर रहे हैं वह शायद कोरोना काल के हालात और सराफा कारोबार की कुछ वर्ष पूर्व 42 दिन की बंदी को भूल गए हैं। कल तक जो लोग शहर में बंदी का समर्थन कर रहे थे, उनकी दुकानें तक सोमवार को खुलीं रहीं। उनकी एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों ने दुकानें खोलीं हैं। एसोसिएशन पूरी तरह से सरकार के साथ है।
जसवंतनगर संवाद के अनुसार नगर में सराफा की सभी दुकानें बंद रहीं। सराफा कारोबारियों ने सरकार से जबरन थोपे गए कानून को वापस लेने की मांग की। सराफा कारोबारियों ने नगर की पड़ाव मंडी में विरोध प्रदर्शन किया।
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सराफ हॉलमार्क व्यवस्था के पक्ष में दिखे, लेकिन जबरिया थोपे जाने वाला कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सराफा कमेटी के अध्यक्ष सुशील कुमार वर्मा ने कहा कि सरकार एचयूआईडी को मनमाने ढंग से लागू कर रही है, जिसे वापस लिया जाए। राकेश पाल, जीतू वर्मा, श्रवण कुमार वर्मा, मनोज कुमार जैन, विमलेश शाक्य, उमेश दुबे, सुब्रत गुप्ता, आशीष जैन, अशोक वर्मा, जितेंद्र कुमार आदि ज्वैलर्स रहे।
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