इटावा। किडनी रोगियों को डायलिसिस के लिए जिला अस्पताल में अभी और इंतजार करना होगा। डा. भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का निर्माण कार्य बजट न मिलने से ठप है। प्रदेश सरकार ने बजट में भी इसके लिए कोई धन आवंटित नहीं किया है। इससे डायलिसिस यूनिट के खटाई में पड़ने की संभावना है। जिला मुख्यालय पर अभी तक किडनी रोगियों के लिए इलाज की कोई सुविधा नहीं है। डायलिसिस के लिए मरीजों को सैफई, आगरा, कानपुर एवं ग्वालियर में जाना पड़ता है। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने डायलिसिस यूनिट बनाने के प्रस्ताव भेजा गया था । शासन ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी थी। अस्पताल के प्रथम तल पर यूनिट के लिए जगह आरक्षित कर दी गई थी। डायलिसिस यूनिट निर्माण को लेकर भवन में मरम्मतीकरण भी शुरू हो गया था। इसके जिला अस्पताल में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से भूमि तल पर 10 बेड के वार्ड के साथ डायलिसिस यूनिट का निर्माण शुरू करा दिया गया था। प्रथम तल पर बने कई कमरों को भी तोड़ दिया गया था। किडनी रोगी सुरेश ने बताया कि डायलिसिस यूनिट के निर्माण पर ब्रेक लगने से गरीबों को इधर-उधर भटकना पड़ेगा। अगर इलाज की व्यवस्था जिला अस्पताल में हो जाती तो बहुत अच्छा रहता। हम लोगों को भटकना नहीं पड़ता। अस्पताल में अपनी मां का इलाज कराने आए रजत ने कहा कि डायलिसिस यूनिट का निर्माण बजट न मिलने से बंद हो गया है। इससे हम लोगों को भी झटका लगा है।