इटावा। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों का राजनीतिक ताना-बाना तैयार करने के लिए भाजपा नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक दी है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा मिलकर कानपुर क्षेत्र को पूरी तरह से मथना शुरू कर दिया है।
कहां किसको कब बुलाना है कौन कहां जाएगा, क्या रणनीति किस क्षेत्र में बनेगी, इसको लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा चुनाव तक इटावा में ही कैंप करेंगे।
इटावा को केंद्र बनाकर शर्मा क्षेत्र के सभी जिलों में चुनावी हवा का रुख भांपकर तदनुसार अपना अगला कदम तय करेंगे। रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर मोतीझील में आरएसएस के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक में क्षेत्रीय प्रचारक अनिल जी मौजूद रहे। उन्होंने पूरे क्षेत्र की जमीनी हकीकत समझी। सभी कार्यकर्ताओं को चुुनाव में एकजुटता से काम करने का संदेश दिया।
चुुनाव में किसी प्रकार की भितरघात होने पर विशेष निगाह रखने की ताकीद दी। बैठक में भाजपा के किसी नेता को नहीं बुलाया गया था। बैठक में सिर्फ उन्हीं लोगों को आने की इजाजत थी जिन्हें फोन से पूर्व में सूचना दी गई।
दूसरी ओर प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने शनिवार से ही इटावा में डेरा जमा लिया है। वह अपने चुनिंदा सहयोगियों को लेकर क्षेत्र में घूम रहे हैं। कौन कार्यकर्ता कहां क्या कर रहा, इसकी जानकारी करने के साथ ही मतदाताओं से संपर्क करने में भी जुटे हैं।
दिनेश शर्मा पंजाब और चंडीगढ़ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इटावा में करीब डेढ़ दशक पूर्व वे संघ के विभाग प्रचारक के तौर पर काम करते रहे
हैं। इस नाते उन्हें यहां की काफी कुछ जानकारी है। 2017 के चुनाव में कानपुर क्षेत्र में आने वाले 17 जिलों की 52 सीटों में से 47 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा फिर से अपनी इस सफलता को दोहराने के किए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
यही कारण है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा स्वयं इटावा आए। उन्होंने घर-घर जाकर संपर्क कर मतदाताओं से भाजपा की सरकार बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के जाने के ठीक अगले दिन आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष इटावा पहुंच गए हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा कहीं से कोई कमी नहीं रखना चाहती है।