भरथना क्षेत्र की भाजपा विधायक और सीएचसी प्रभारी के साथ बातचीत की मोबाइल रिकार्डिंग वायरल हुई है। इसमें विधायक पर सीएचसी प्रभारी के साथ अभद्रता पूर्ण ढंग से बात करने का आरोप है।
इधर, क्षेत्रीय विधायक ने इसे खारिज कर बताया कि सीएचसी प्रभारी ने उनके सरकारी फोन नंबर को अपने मोबाइल फोन मे ब्लैक लिस्ट में डाल रखा था जिसके चलते वह जनता की स्वास्थ्य से संबंधित समस्या से सीएचसी प्रभारी तक नहीं पहुंचा पा रही थीं।
गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक की एक वाइस रिकार्डिंग तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई ।आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक सावित्री कठेरिया किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से महेवा सीएचसी प्रभारी सीएचसी प्रभारी यतीन्द्र राजपूत से अभद्रतापूर्वक अंदाज में बात की।
बुधवार को क्षेत्रीय विधायक सावित्री कठेरिया ने अपने मोबाइल फोन से जब सीएचसी प्रभारी से बात करनी चाही तब उनको पता चला कि सीएचसी प्रभारी ने उनका मोबाइल नंबर को ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है ।
इस पर एक अन्य व्यक्ति ने जब सीएचसी प्रभारी को अपने मोबाइल फोन से फोन लगाया तो सीएचसी प्रभारी ने रिसीव कर लिया गया। इस पर क्षेत्रीय विधायक ने इसे अपना अपमान समझा और उन्होंने इसी बात पर क्षेत्रीय विधायक ने उसी व्यक्ति के फोन नंबर से सीएचसी प्रभारी पर जमकर भड़ास निकाली।
सीएचसी प्रभारी से अभद्रता पूर्ण ढंग से बात करने की वाइस रिकार्डिंग वायरल होने के संबंध मे जब विधायक सावित्री कठेरिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कोविड 19 जैसी महामारी समूचे विश्व सहित अपने देश मे भी फैली हुई है। इस स्थित के चलते वे लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर जनता को मास्क और सैनिटाइज वितरित करने का कार्य कर रहीं हैं।
जनता से संपर्क के दौरान जब भी लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्या बताते और वह उस समस्या का निराकरण करने के लिए सीएचसी प्रभारी को फोन लगाती तो एक ही जवाब मिलता था कि डायल किया गया नंबर व्यस्त है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को महेवा क्षेत्र के एक भाजपा कार्यकर्ता के सिर मे एक दुर्घटना मे गंभीर चोट आयी वह उपचार के लिए सीएचसी महेवा गया जहां कि उस घायल को इटावा जिला चिकित्सालय रेफर करने के नाम पर रुपयों की मांग की गई।
इस बात की शिकायत घायल युवक के परिवार वालों ने उनसे की तो विधायक ने सीएचसी प्रभारी को फोन लगाकर जानकारी करनी चाही। इस दौरान उन्हें पता चला कि सीएचसी प्रभारी ने उनका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल रखा था ।
वहीं मौके पर मौजूद घायल युवक के साथ वाले व्यक्ति ने फोन लगाया तो सीएचसी प्रभारी ने तुरंत ही फोन रिसीव कर लिया। उसी फोन पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी से बात की और उनका नंबर ब्लैक लिस्ट मे डाले जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अभद्रता से बात करने की बात को नकारा।
वहीं जब सीएचसी प्रभारी से इस संबंध मे बात करनी चाही तो वे न ही सीएचसी पर उपस्थित मिले और न ही उनका मोबाइल फोन रिसीव हुआ।