इटावा। आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ जिन अंत्योदय लाभार्थियों को नहीं मिल पाया है, उन्हें जल्द आयुष्मान कार्ड प्रदान किए जाएंगे। 11 अक्तूबर को प्रदेश में आयुष्मान अंत्योदय के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री लखनऊ में लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर शुरुआत करेंगे। जनपद व ब्लाक स्तर पर जन प्रतिनिधियों के माध्यम से 100 से 125 अंत्योदय लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड सौंपा जाएगा।
अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सूबे के सभी डीएम और सीएमओ को पत्र भेजकर 11 अक्तूबर को आयुष्मान अंत्योदय के द्वार कार्यक्रम के सफल आयोजन के निर्देश दिए हैं।
योजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डा. आशीष ने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग व पंचायती राज विभाग के सहयोग से अधिक से अधिक अंत्योदय लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने को कहा गया है।
अपर मुख्य सचिव का कहना है कि अंत्योदय लाभार्थियों का ग्राम/वार्ड वार आधार सीडेड डाटा बेस पहले से मौजूद है। ऐसे में लाभार्थियों को चिह्नित करना और जल्द आयुष्मान कार्ड बनाना आसान है।
देश की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। योजना का प्रमुख उद्देश्य कमजोर वर्ग को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराना।
वर्ष 2011 की जनगणना पर योजना की तैयार की गई सूची का दायरा बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत करीब 8.43 लाख परिवारों को योजना का लाभ दिया जा रहा था।
फिर से इसका दायरा बढ़ाते हुए अब करीब 40 लाख अंत्योदय कार्डधारक परिवारों एवं 11.65 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भी योजना की पात्रता सूची में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।