इटावा। आज लोकतंत्र को सबसे ज्यादा खोखला बाहुबली और धनबली कर रहे हैं। हम मतदाता ऐसे अपराधी रिकार्डधारी प्रत्याशियों को हराने का काम करें। धनबली की जगह ईमानदार और जनता के प्रति सेवाभावी प्रत्याशी को चुनाव जिताएं, तो विधान सभा की तस्वीर बदल सकती है।
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित एडीआर और यूपी इलेक्शन वाच के चुनाव सुधार और छात्रा संवाद में यह विचार छात्राओं ने व्यक्त किए गए।
छात्राओं के साथ संवाद के दौरान दो प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में ईमानदार प्रत्याशी चयन और दूसरे प्रस्ताव में नोटा के मतों की गिनती का सुझाव दिया गया। संसद, चुनाव आयोग, कानून मंत्रालय और एडीआर के प्रयासों से मतदाता को नोटा का अधिकार मिला है।
दुखद है कि नोटा को यदि जीते हुए प्रत्याशी से भी ज्यादा वोट मिल जाएं तो भी मतगणना के दौरान नोटा के वोटों को मतगणना में जोड़ा नहीं जाता। इसलिए मांग है कि जब राष्ट्रपति और एक सामान्य आदमी के वोट का मूल्य बराबर है तो फिर नोटा में मिले वोटों को न गिनना संविधान के तहत मतदाता को मिले अधिकार का अपमान है।
हम सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर देश की संसद से यह मांग करते हैं कि नोटा को कानूनी अधिकार देते हुए मतगणना में नोटा के भी वोटों को गिना जाए।
अगर उसको सबसे ज्यादा वोट मिलें तो उस विधानसभा या लोकसभा सीट को तत्काल रिक्त कर चुनाव आयोग उस सीट में फिर से चुनाव कराएं। एडीआर और यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश कोआर्डिनेटर अनिल शर्मा ने बारीकी से लोकतंत्र में बढ़ रहे अपराधीकरण और धनबल को रेखांकित किया।
कहा कि यह लोकतंत्र को खोखला कर रहे है।
डॉ. अनुपम सिंह ने 18 वर्ष की आयु वाली छात्राओं से तत्काल वोटर बनने का आह्वान किया। डॉ. अजय दुबे ने कहा कि सरकार ने जब बजट के अभाव में वर्ष 2005 से कानून बनाकर सभी सरकारी अधिकारी, कर्मी, अनुदानित महाविद्यालयों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ को 30 से 38 साल तक कम करने के बाद भी पेंशन के हकदार नहीं होते, वहीं, सांसद, विधायक पद की शपथ लेते ही आजीवन पेंशन का हकदार हो जाते हैं।
इस मौके पर डॉ. दुर्गेशलता भगत, डॉ. रेखा, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सपना वर्मा, डॉ. श्याम देव यादव, डॉ. डौली रानी, डॉ. श्वेता, जितेंद्र कुमार एवं यूपी इलेक्शन बांच के आदित्य तिवारी ने भी विचार व्यक्त किए।
अनिल शर्मा के पूछे गये सवालों का सटीक जवाब इरम, सुऐवा, लक्ष्मी एवं टीशा ने दिया। इन छात्राओं का तालियां बजाकर स्वागत किया गया। संचालन डॉ. चंद्रप्रभा ने किया।