इटावा। कृषि लागत कम और उपज का लाभकारी मूल्य देने से ही किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है। किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक किए बिना देश तरक्की नहीं कर सकता है।
यह बात किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य ने ग्राम उसरई में हुई किसान महापंचायत में कहे। उन्होंने कहा कि इस समय बेमौसम वर्षा से किसानों की धान, बाजरा, सब्जियां और सरसों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनकी सरकार को कोई चिंता नही है।
आज जब किसान आलू, लहसुन की बुवाई कर रहा है, तब डीएपी और यूरिया किसानों को नहीं मिल रही है। साधन सहकारी समितियों पर आने वाली खाद को चंद लोगों के हाथ बेची जा रही है।
उन्होंने बर्बाद फसलों का मुआवजा और डीएपी तत्काल किसानों को प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। भाकियू के जिला संरक्षक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज संयुक्त किसान मोर्चा मजबूती के साथ तीनों काले कृषि कानूनों, केंद्र सरकार की किसान विरोधी, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 11 माह से लगातार से आंदोलन कर रहा है।
आरोप लगाया कि केंद्र की सरकार किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। किसान सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमर सिंह शाक्य ने कहा कि तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी तक संयुक्त किसान मोर्चा अनवरत आंदोलन जारी रखेगा।
इसी कड़ी में 22 नवंबर को लखनऊ में विशाल रैली होगी। सभी किसानों से लखनऊ रैली में भाग लेने की अपील की। किसान यूनियन के नेता राम विजय ने टूंडला से चलकर उसरई होते हुए जाने वाली तेल पाइपलाइन को अपने गांव से न निकलने देने की मांग उठाई।
उनका कहना था कि पिछले दिनों एक पाइप लाइन और निकाली गई थी, उसमें यह समझौता हुआ था कि जमीन किसान की रहेगी केवल अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाली जाएगी, लेकिन उस कंपनी ने धोखे से किसानों की जमीन अपने नाम करा ली है।
इसलिए अब इस पाइपलाइन को निकाले जाने का पूरी तरीके से विरोध किया जाएगा। इस मौके पर ध्रुव सिंह यादव, जनवेद सिंह, पूर्व प्रधान गया प्रसाद, विजय सिंह यादव, दुर्गेश यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
किसान महापंचायत की अध्यक्षता मोहर सिंह यादव और संचालन इंद्रपाल यादव ने किया। बड़ी संख्या में किसानों ने महापंचायत में भाग लिया।