इटावा। इटावा रीजन में बस स्टैंड पर सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले माह हुई टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत रोडवेज परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक से की गई थी। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान लेकर जीएम तकनीकी को मामले की जांच सौंपी है। इसमें एआरएम वित्त को टेंडर प्रक्रिया से जुड़े प्रपत्र लेकर पूछताछ के लिए मुख्यालय तलब किया गया है।
आगरा के नामनेर लौहरों की बगीजी निवासी दीपक वर्मा ने परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक समेत कई उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था। इसमें उसने बताया था कि उन्हें इटावा परिक्षेत्र के बस स्टैंड की सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर डाला था। इसमें प्रतिमाह छह हजार रुपये सफाई की दर निर्धारित की गई थी। आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक व सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त ने हस्ताक्षर में कमी बताकर ठेके को निरस्त कर दिया गया था। साथ ही अन्य ठेकेदार अभिषेक शर्मा के टेंडर प्रक्रिया में भाई को शामिल होने दिया, जबकि नियम के तहत टेंडर प्रक्रिया में कोई भी शामिल हो सकता है।
आरोप लगाया है कि आरएम व एआर वित्त पर मनमाने तरीके से अपने चहेतों को सफाई का टेंडर दे दिया है, जो गलत है। इस मामले की जांच करवाकर न्याय उचित कार्रवाई की जाए। रोडवेज परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक ने इस मामले की जांच जीएम तकनीकी गौरव कुमार को सौंपी हैं। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी प्रपत्र लेकर एआर वित्त मुकेश अग्रवाल को तलब किया जाएगा। उधर, एआएरम वित्त मुकेश अग्रवाल को कई दफा फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा जबकि आरएम सुनील कुमार नागर का फोन स्विच ऑफ रहा।