चकरनगर। तहसील क्षेत्र के गांव कांयछी को उदी-भरेह मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए तीन माह पहले पक्की सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हो पाया है। लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ढाई किलोमीटर लंबी और पौने चार मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य सेंचुरी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण अटका है।
31 मार्च को शासन से सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर इसका श्रेय लेते हुए खूब वाहवाही लूटी थी। इसके बाद एक बार फिर सब इस कार्य को भूल गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि सेंचुरी विभाग एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) से संबंधित रिपोर्ट में त्रुटियां बताकर बार-बार नई रिपोर्ट मांग रहा है। विभाग पूछ रहा है कि सड़क के किनारे अनुसूचित जाति व अन्य समुदाय की कोई आबादी तो नहीं है, जबकि सेंचुरी विभाग के हो चुके सर्वे में ऐसी कोई आबादी नहीं पाई गई थी। बावजूद बार-बार आपत्तियां लगाकर कार्य में विलंब किया जा रहा है। कांयछी में बरसात के दौरान कच्चा रास्ता दलदल में बदल गया है, जिससे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से लगभग कट गया है। स्थिति यह है कि शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पा रहे है। बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो रहा है।
शिक्षक राजेश वर्मा ने बताया कि कांयछी स्कूल बाइक से पढ़ाने जाते हैं। बारिश में रास्ता और खराब हो गया है। कई बार तो दलदल जैसा हो जाने पर वापस लौटना पड़ता है।
गांव के बहादुर सिंह ने बताया कि बारिश में मलबा गिरने से गांव का रास्ता बंद हो गया है। कीचड़ के बीच सबसे ज्यादा दिक्कत मरीज को अस्पताल ले जाने में होती है।
अभी सेंचुरी विभाग से एनओसी नहीं मिली है। कुछ न कुछ कमी निकालकर रिपोर्ट मांगी जाती है। हाल में एफआरए की रिपोर्ट मांगी गयी थी जिसे भेज दिया गया था। एनओसी मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा। -संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
एफआरए की रिपोर्ट 10 दिन पहले चली गई है। अब सरकार से एनओसी मिलेगी। विभाग से सभी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हैं। उम्मीद है जल्द सर्टिफिकेट मिल जाएगा। -कोटेज त्यागी, रेंजर सेंचुरी