जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अंशुल यादव ने नामांक दाखिल किया। इस पद पर किसी अन्य जिला पंचायत सदस्य ने दावेदारी पेश नहीं की। लिहाजा अंशुल यादव का निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है। चार जनवरी को नाम वापसी के बाद उनके निर्विरोध चुने जाने की घोषणा होगी।
कचहरी स्थित एडीएम कोर्ट में शुक्रवार को करीब 12:30 बजे रिटर्निंग अफसर व डीएम नितिन बंसल के समक्ष अभिषेक यादव उर्फ अंशुल ने दो सेटों में नामांकन दाखिल किया। पहले सेट में उनके प्रस्तावक सैफई से जिला पंचायत सदस्य अरविंद यादव व अनुमोदक भरथना से जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह रहे।
जबकि दूसरे सेट में प्रस्तावक व अनुमोदक क्रमश: बसरेहर के राजेश कुमार व जबर सिंह रहे। एआरओ ईश्वरचंद्र ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल चार नामांकन पत्र बिके थे। इनमें तीन नामांकन पत्र अंशुल यादव ने और एक भाजपा समर्थित प्रत्याशी आरती निषाद के नाम से खरीदा गया था।
नामांकन दाखिल करने की अवधि सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित रही। इस अवधि में सिर्फ अंशुल यादव ने आकर नामांकन किया। इसके बाद नामांकन पत्र की जांच हुई, जिसमें उनका नामांकनपत्र वैध पाया गया। एआरओ/ एडीएम ईश्वरचंद्र ने बताया कि 4 जनवरी को नाम वापस लेने की तिथि निर्धारित है।
उक्त तिथि के बाद ही स्थिति अनुसार उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा होगी। नामांकन के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव के पुत्र पीसीएफ चेयरमैन आदित्य यादव उर्फ अंकुर, मैनपुरी सांसद तेजप्रताप सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, अजय भदौरिया, मुकेश यादव, रामनाथ सिंह यादव, रतन चौधरी, अमित सोनी आदि मौजूद रहे।