भरथना। कृषि उत्पादन मंडी समिति में इन दिनों धान की भारी आवक हो रही है। इसके चलते मंडी परिसर के साथ ही सामने स्थित मार्ग और ऊसराहार व बिधूना मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से दिन-रात जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या से निजात के लिए मंडी प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ता बनाने की कवायद शुरू की है।
इसके तहत मंडी समिति की पिछली बाउंड्रीवॉल को तोड़कर पीछे से सरैया से रामनगर जाने वाले चकमार्ग से जोड़ने का रास्ता बनाया जा रहा है। इस रास्ते से धान बेचकर खाली हो चुके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य छोटे वाहनों को निकाला जाएगा। माना जा रहा है कि इस वैकल्पिक मार्ग से खाली वाहन ऊसराहार और इटावा बिधूना प्रमुख मार्ग पर आसानी से पहुंच सकेंगे।
मंडी में धान बेचने आने और बिक्री के बाद बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए एक ही सड़क पर प्रवेश और निकास की व्यवस्था होने से जाम की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में मंडी के पिछले हिस्से से वैकल्पिक रास्ता तैयार होने पर खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बाहर निकालने में आसानी होगी। इससे मंडी के सामने स्थित मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
मंडी सचिव संतोष यादव ने बताया कि जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। मंडी की पिछली बाउंड्रीवॉल तोड़कर चकमार्ग से खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य छोटे वाहनों को निकाला जाएगा। बाउंड्री वाल से चकमार्ग के बीच मौरंग, मिट्टी का भराव कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह वैकल्पिक रास्ता केवल धान खरीद सीजन के दौरान ही संचालित रहेगा। सीजन समाप्त होने के बाद बाउंड्रीवॉल को पूर्व की तरह जोड़ दिया जाएगा।