फोटो 12:::निवाड़ीकला बिजली घर पर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया व
निवाड़ीकला। बिजली चेकिंग के नाम पर डराने-धमकाने और अवैध वसूली और बिजली कटौती में मनमानी करने के आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने निवाड़ीकला विद्युत उपकेंद्र पर धरना शुरू कर दिया। पांच गांवों के लोगों के साथ किसान नेता और पूर्व प्रधान भी प्रदर्शन में शामिल हुए। ग्रामीणों ने जेई को हटाने की मांग उठाई। समर्थन में भरथना की पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया भी धरने पर बैठ गईं।
धरने पर बैठे ग्रामीण रजनीश शर्मा, सरिता यादव, आकाश दीक्षित, वैभव पंडित, सचिन, विमल, राजकुमार, अनुराग तिवारी, आशू त्रिवेदी, अंकुर, अरुणेश का आरोप है कि चेकिंग के दौरान उपभोक्ताओं पर कार्रवाई का भय दिखाकर दबाव बनाया जाता है और वसूली की जाती है। ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, कारोबार और घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने रोस्टर के अनुसार आपूर्ति और बार-बार होने वाले फॉल्ट का स्थायी समाधान कराने की मांग की। मामले की जानकारी पर एसडीओ अनूप यादव के साथ ही बकेवर थाना प्रभारी विपिन मलिक भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। एसडीओ ने निवाड़ीकला में तैनात लाइनमैन जितेंद्र को महेवा और महेवा में तैनात अजय को निवाड़ी कला भेजने के निर्देश दिए।
बिजलीघर का फोन भी तत्काल बदलने को कहा गया। जेई के स्थानांतरण की मांग पर एसडीओ ने एक सप्ताह का समय मांगा। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आंदोलन किया जाएगा।