पारा चढ़ने के साथ ही अब पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ रहा है। ऐसे में नलकूप हो या सरकारी टंकी या फिर हैंडपंप सभी को सही करवाना प्रशासनिक अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ब्लॉक महेवा के अहेरीपुर गांव में बनी टंकी डेढ़ साल से बंद है। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को प्रधान से लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ ।
पेयजल की समस्या को देखते हुए 2009 में अहेरीपुर गांव में मेला ग्राउंड के पीछे टंकी का निर्माण कराया गया था।
2016 तक टंकी भली भांति चलती रही और करीब 200 कनेक्शन धारकों को जलापूर्ति मिलती रही इसके बाद बकाया होने के कारण बिजली विभाग द्वरा कनेक्शन भी काट दिया गया और टंकी का बाल भी खराब हो गया। बीते डेढ़ वर्ष से टंकी बिल्कुल ही बंद पड़ी है।
ऑपरेटर संजीव सिंह ने बताया कि वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि एक वर्ष पहले बाल सही कराने की कहकर बाल का सामान खुलवा ले गए थे।
वह भी अभी तक वापस ही नहीं आया, वहीं ऑपरेटर की माने तो उनका वर्षों का मानदेय भी बकाया पड़ा है। ग्रामीण रमेश चंद्र का कहना है कई बार इस टंकी को देखने ब्लॉक के अधिकारी भी आए लेकिन हुआ कुछ नहीं ।
अहेरीपुर निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप तिवारी का कहना है कि वह टंकी को सही कराने की मांग करेंगे।
प्रधान प्रतिनिधि बबलू मंसूरी ने बताया बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया था। पंचायत सचिव रामेंद्र सिंह का कहना है कि टंकी सही करवाई जाएगी ।