बकेवर(इटावा)। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही महेवा की बसपाई ब्लाक प्रमुख की बैचेनी बढ़ गई है। क्षेत्र के सपाइयों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मुहिम छेड़ दी है। एक सपा नेता इस संबंध में ब्लाक के कुछ बीडीसी सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि पूर्व सदर विधायक महेंद्र सिंह राजपूत उनके बचाव में जुट गए हैं।
जनपद के सबसे बड़े ब्लाक में सर्वाधिक 85 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। पंचायत चुनाव के बाद ब्लाक कड़े संघर्ष और सत्ता की हनक के चलते बसपा की मनीषा सविता 44 मत पाकर प्रमुख पद पर विजयी हुई थीं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्र के सपा नेताओं ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मुहिम छेड़ दी है। बताते हैं कि एक सपा नेता ब्लाक प्रमुख को हटाने के लिए क्षेत्र के कुछ बीडीसी सदस्यों से संपर्क साध रहे हैं।
हालांकि पहले अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दो वर्ष की अवधि का प्रावधान था लेकिन अब इसे एक वर्ष का कर दिया गया है। इसी का लाभ लेने में सपा नेता जुट गए हैं। 85 सदस्यों वाले ब्लाक में दो तिहाई सदस्य ब्लाक प्रमुख के खिलाफ हलफनामा दे दें तो अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसी हलफनामा की तैयारी में सपा नेता बीडीसी से मिल रहे हैं।
बीडीसी सदस्य वंदना शुक्ला (बम्हौरा), सर्वेश (मेंहदीपुर), होतीलाल (इकघरा), योगेंद्र सोनी (आनेपुरा) का कहना है कि कुछ लोगों ने इस संबंध में उनसे संपर्क कर दबाव बनाने का प्रयास किया है। वहीं यह जानकारी जब पूर्व सदर विधायक महेंद्र सिंह राजपूत को लगी तो वह भी उनको बचाने की मुहिम में जुट गए और अपने पाले में रहे बीडीसी सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं।
इस संबंध में ब्लाक प्रमुख मनीषा सविता का कहना रहा कि उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए सपा के कुछ नेता प्रयासरत हैं। वे इसका सामना करेंगी। वे ईश्वर में पूरी तरह विश्वास रखती हैं। ब्लाक के बीडीसी सदस्यों की वे ऋणी है जो उन्होंने इतनी बड़ी जिम्मेदारी उन्हें दी। उसका वे अपनी आखिरी संास तक निर्वहन करेंगी।