इटावा। सैफई महोत्सव में एक बार फिर ‘लोकधारा’ के रंग बिखर उठे। महोत्सव के आगाज के दिन हुए ‘लोकधारा’ के आयोजन में समयाभाव के चलते कुछ बच्चे प्रस्तुति नहीं दे सके थे। उन छूटे हुए सभी बच्चों की शुक्रवार को स्पोर्टस स्टेडियम में प्रस्तुति कराई गई। धोबिया, कालबेलिया, बरैंदी, चरकुला, लट्ठमार होली की मनमोहक प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया।
संस्कृति विभाग उ. प्र. द्वारा आयोजित ‘लोकधारा’ कार्यक्रम का शुभारंभ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रामकरन आर्य और स्टांप एवं रजिस्ट्री राज्य मंत्री दुर्गाप्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मंत्री दुर्गाप्रसाद यादव ने कहा कि सैफई महोत्सव नई प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का माध्यम है। खेल राज्य मंत्री रामकरन आर्य ने कहा कि लोक कलाएं व संस्कृति भारत की आत्मा है। जिस मुल्क की संस्कृति मजबूत नहीं होती वह सर्वोच्च शिखर पर नहीं पहुंच सकता।
‘लोकधारा’ में सबसे पहले पूर्वांचल के धोबी जाति के धोबिया नृत्य से हुई। इसमें जीआईसी इटावा, ज्ञानमंदिर इटावा, बौद्ध विद्या मंदिर, जीजीआईसी इटावा व केके इंटर कालेज के छात्र छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद राजस्थान का लोकप्रिय नृत्य कालबेलिया की प्रस्तुति हुई। रूपसिंह शेखावत से प्रशिक्षण पाए बौद्ध विद्या मंदिर, जीजीआईसी, ज्ञानमंदिर इंटर कालेज की छात्राओं ने सांप को पकड़ने के समय के नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद बुंदेलखंड का बरैंदी नृत्य की प्रस्तुति हुई। इसमें मैनपुरी जनपद के पांच विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए अपनी मनभावनी प्रस्तुति दी। चरकुला, नेहर, पारात नृत्य की मनभावति कुंवरि जनसहयोगी इंटर कालेज बसरेहर, असित इंटर कालेज गंगापुरा, जनसहयोगी कन्या इंटर कालेज बसरेहर ने अपनी प्रस्तुति के जरिए दर्शकों क ो काफी प्रभावित किया। इसके बाद एसएस मेमोरियल इंटर कालेज की छात्राओं ने लट्टमार होली की प्रस्तुति दी। इसके बाद सभी लोकनृत्यों की एक साथ प्रस्तुति हुई।