चाचा शिवपाल भी कार्यक्रम में पहुंचे
पौने तीन घंटे में मंच से सपा के वरिष्ठ नेताओं ने नेता जी के संघर्षों की कहानियां बताते हुए मुलायम सिंह यादव की तरह फिर एक बार जमीन से जुड़ा संघर्ष शुरू करने का कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया है। 2024 तक मुलायम सिंह यादव की तरह दिल्ली में सपा के राष्ट्रीय महासचिव की धमक बनाने के लिए तैयारी में जुटने की अपील की है। अंत्येष्टि स्थल पर हवन पूजन करते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रोफेसर रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव मौजूद रहे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के स्मारक की तर्ज पर नेता जी का स्मारक बनवाया जाएगा। सैफईवासियों ने कहा कि नेता जी अखिलेश यादव में नजर आए।
जयंती कार्यक्रम में नहीं आए प्रतीक और अपर्णा यादव
नेता जी की जयंती कार्यक्रम में उनके छोटे बेटे प्रतीक और बहू अपर्णा यादव नहीं दिखाई दिए। मुलायम सिंह यादव के निधन में ही दोनों अंतिम बार सैफई आए थे। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि अपर्णा के अलग पार्टी में शामिल होने के बाद से कुछ दूरियां बनी हुई हैं। ऐसे में वह दोनों शामिल होने नहीं आए।