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आठ महीने बाद खुले महाविद्यालय, लौटने लगी रौनक

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फोटो संख्या 18 व 19 पहले दिन केके डिशी कालेज का महौल इस तरह दिखा - फोटो : ETAWHA
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इटावा। कोरोना के दौर में आठ महीने बाद सोमवार को महाविद्यालय खुले। मुख्यालय के कर्मक्षेत्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय और राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में बमुश्किल 25-30 प्रतिशत छात्र छात्राएं ही आए। पहले दिन सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। हालांकि पहले दिन क्लास नहीं चले। व्यवस्थाएं बनाने और देखने में ही पूरा समय निकल गया। इधर, महाविद्यालय खुलने पर छात्र छात्राओं के चेहरों पर चमक दिखी। छात्रों का कहना था कि क्लास रूप में पढ़ाई की बात ही कुछ और है। कॉलेज के प्राचार्य ने भी कहा कि कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही पढ़ाई होगी। बिना मास्क के किसी छात्र-छात्रा को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जाएगा
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एक दिन पहले पूरे परिसर को किया गया सैनिटाइज
लॉकडाउन में सभी प्रकार के शिक्षण संस्थान बंद करने के आदेश दिए थे। इसके बाद कक्षा 9 से 12 तक के कालेज तो खुल गए थे। महाविद्यालयों को बंद ही रखा गया। 23 नवंबर से शासन ने महाविद्यालयों को खोलने के आदेश दिए गए। महाविद्यालयों को प्रारंभ करने के एक दिन पूर्व रविवार को पूरे परिसर को सैनिटाइज कराया गया। सीटिंग प्लान को सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर तैयार किया गया।
निर्धारित मानकों के अनुसार ही चलेंगी कक्षाएं
प्राचार्य प्रो. अरुण वर्मा ने बताया कि महाविद्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोविड 19 की गाइडलाइन का पूरी तरीके से पालन किया जा रहा है। कक्षाओं में भी निर्धारित दूरी पर छात्र छात्राओं को बैठाया जाएगा। बगैर मास्क के कोई महाविद्यालय में नहीं आएगा।
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राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्याम पाल सिंह ने बताया कि पहले दिन छात्राओं का परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। आगे से निर्धारित मानकों के अनुसार कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
महाविद्यालय खोलने का निर्णय सराहनीय
केके महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि आठ महीने बाद महाविद्यालय खोलने का निर्णय सराहनीय है। स्नातक-परास्नातक कक्षाओं का कोर्स इतना अधिक होता है कि उसे ऑनलाइन से ही पूरा नहीं किया जा सकता। अब शिक्षण शुरू होने से छात्र छात्राओं को काफी लाभ पहुंचेगा। अगले साल की पहली तिमाही या उसके बाद डिग्री परीक्षाएं होंगी। स्थितियां सामान्य रहीं तो कोर्स भी पूरा कराया जा सकेगा।
सावधानी बहुत जरूरी
केके महाविद्यालय के मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ. शिवराज सिंह यादव का कहना है कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। छात्र-छात्राओं को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। बगैर मास्क लगाए बाहर न निकलें। आपस में दूरी बनाकर ही बातचीत करें। कोविड प्रोटोकाल का पालन करके हम इस महामारी को फैलने से रोक सकते हैं।
कॉलेज आकर अच्छा लगा
केके महाविद्यालय की छात्रा उरूज खानम का कहना है कि आठ महीने बाद कॉलेज आकर बहुत अच्छा लगा। पूरे शिक्षण काल में इस तरह का माहौल कभी नहीं देखा। पहली बार इतना लंबा वक्त कॉलेज के बाहर बीता। ऑनलाइन पढ़ाई तो की लेकिन ऑफलाइन पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। अब कॉलेज शुरू होने से परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से हो सकेगी।
अब पढ़ाई पर देंगे ध्यान
केके महाविद्यालय की छात्रा रोहिणी राठौर का कहना है कि कॉलेज खुल गए हैं। अब पूरा ध्यान पढ़ाई पर देंगे। छात्र-छात्राओं को सावधानी के साथ शिक्षण कार्य करना है। किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

फोटो संख्या 18 व 19 पहले दिन केके डिशी कालेज का महौल इस तरह दिखा- फोटो : ETAWHA

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